बांग्लादेश के हिंदू क्रिकेटर के घर विराजे गणपति बप्पा, पत्नी-बेटी संग मनाई गणेश चतुर्थी; मां काली की पूजा करने पर मिल चुकी धमकी
बांग्लादेश के हिंदू क्रिकेटर लिट्टन दास ने परिवार के साथ गणेश चतुर्थी मनाई. उन्होंने गणपति बप्पा के स्वागत की तस्वीरें साझा कीं.
बांग्लादेश क्रिकेट टीम के वाइट बॉल कप्तान लिट्टन दास इन दिनों गणेश चतुर्थी मनाते नजर आए. उन्होंने पत्नी और बेटी के साथ घर में गणपति बप्पा की पूजा की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा कीं. दास परिवार पारंपरिक कपड़ों में नजर आया. लिट्टन ने बप्पा से सुख, शांति और समृद्धि की कामना की.
कट्टरपंथियों के निशाने पर रहते हैं
लिट्टन दास को पहले भी हिंदू धर्म और त्योहारों से जुड़ी तस्वीरें साझा करने पर सोशल मीडिया पर विरोध का सामना करना पड़ा है. सितंबर 2022 में महालया के अवसर पर उन्होंने फेसबुक पर मां दुर्गा की तस्वीर पोस्ट की थी. इसके बाद कुछ लोगों ने उनके पोस्ट पर उन्हें धर्म बदलने और इस्लाम अपनाने की सलाह दी थी. कृष्ण जन्माष्टमी जैसे मौकों पर भी उन्हें ऑनलाइन ट्रोल किया गया. अब गणेश चतुर्थी पर उन्होंने परिवार के साथ पूजा की तस्वीरें साझा करते हुए लिखा कि वह प्यार, श्रद्धा और कृतज्ञता के साथ गणेश जी का घर में स्वागत कर रहे हैं.
गणपति बप्पा से मांगी सुख-शांति की कामना
गणेश चतुर्थी के मौके पर लिट्टन दास ने अपने परिवार के साथ कई तस्वीरें पोस्ट कीं. इनमें वह अपनी पत्नी और बेटी के साथ पारंपरिक परिधान में नजर आए. उन्होंने अपने संदेश में भगवान गणेश से घर में खुशी, शांति, समृद्धि और सकारात्मकता बनाए रखने की प्रार्थना की. लिट्टन ने यह भी लिखा कि बप्पा की दिव्य मौजूदगी उनके जीवन को रोशन करे और हर सफर में मार्गदर्शन दे. पोस्ट के अंत में उन्होंने गणपति बप्पा मोरया लिखा. उनकी तस्वीरें सामने आने के बाद यह पोस्ट उनके धार्मिक विश्वास और परिवार के साथ त्योहार मनाने को लेकर चर्चा में है.
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बांग्लादेश के लिए 240 इंटरनेशनल मैच
13 अक्टूबर 1994 को जन्मे लिट्टन दास विकेटकीपिंग भी करते हैं और बांग्लादेश के अनुभवी खिलाड़ियों में शामिल हैं. उन्होंने 56 टेस्ट में छह शतक और 50 अर्धशतक बनाए हैं. 104 वनडे में उनके नाम पांच शतक और 14 अर्धशतक हैं. वह 122 टी20 इंटरनेशनल भी खेल चुके हैं, बांग्लादेश के लिए उनके कुल 240 इंटरनेशनल मैच हैं. हालांकि हालिया प्रदर्शन उनके लिए अच्छा नहीं रहा. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले टेस्ट में वह शून्य पर आउट हुए और दूसरे टेस्ट की दोनों पारियों में भी खाता नहीं खोल सके.