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संजय सिंह के विरोध में पूनिया ने PM आवास के बाहर सड़क पर रखा अपना पद्मश्री अवार्ड , बोले- अब इस सम्मान के बोझ तले....

रेसलर बजरंग पूनिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सोशल मीडिया के जरिए चिट्‌ठी लिखकर पद्मश्री अवॉर्ड लौटाने का ऐलान किया है. वह पीएम आवास के बाहर अपना पद्मश्री अवार्ड रखकर लौट गए.

Bhoopendra Rai

नई दिल्ली: भारतीय कुश्ती संघ चुनाव का रिजल्ट आने के बाद भारतीय पहलवान बजरंग पूनिया साक्षी मलिक और विनेश फोगाट ने नए प्रमुख संजय सिंह के विरोध में मोर्चा खोल दिया है. साक्षी मलिक के कुश्ती छोड़ने के ऐलान के बाद अब भारतीय पहलवान बजरंग पूनिया ने अपना पद्म श्री पुरस्कार लौटा दिया है.  उन्होंने सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी दी.  बजरंग ने पद्म पुरस्कार लौटाने का एलान करते हुए भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक खत भी लिखा है, जिसमें उन्होंने बताया कि "मैं अपना पद्मश्री पुरस्कार प्रधानमंत्री जी को वापस लौटा रहा हूं. कहने के लिए बस मेरा यह पत्र है, यही मेरा स्टेटमेंट है.'

पीएम मोदी को लिखी चिट्‌ठी में बजरंग पूनिया ने भारतीय कुश्ती संघ (WFI) पर बृजभूषण के करीबी संजय सिंह की जीत का विरोध जताया है. इसके बाद वह अवॉर्ड लौटाने प्रधानमंत्री आवास पर गए थे, लेकिन अंदर जाने की परमिशन नहीं मिली तो उन्होंने अवॉर्ड वहीं फुटपाथ पर रख दिया. इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. बता दें कि बजरंग पूनिया को 12 मार्च 2019 को पद्मश्री पुरस्कार मिला था. 

अपने खत में बजरंग पूनिया ने खुद को 'असम्मानित पहलवान' बताते हुए कहा कि महिला पहलवानों के अपमान के बाद वे ऐसी सम्मानित जिंदगी नहीं जी पाएंगे, इसलिए अपना सम्मान लौटा रहे हैं. अब वे इस सम्मान के बोझ तले नहीं जी सकते. 

कल साक्षी मलिक ने लिया संन्यास

बजरंग पूनिया से पहले संजय सिंह के विरोध में देश की इकलौती ओलिंपियन मेडल विजेता रेसलर साक्षी मलिक ने WFI चुनाव के रिजल्ट के बाद दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी. इसी दौरान उन्हें कुश्ती छोड़ने का ऐलान कर दिया था. साक्षी ने अपने जूते निकालकर वहीं टेबल पर रख दिए थे. वह फूट-फूट कर रोयीं थीं. साक्षी ने रोते हुए कहा था 'हम लड़ाई नहीं जीत पाए, कोई बात नहीं. हमारा समर्थन करने देशभर से दूर-दूर से आए लोगों का आभार, हमारी लड़ाई आगे भी जारी रहेगी.'

आखिर क्या है पूरा मामला?

साल 2023 के जनवरी में बजरंग पूनिया सहित देश के कई बड़े पहलवानों ने कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूषण सिंह के खिलाफ धरना शुरू कर दिया था. बृजभूषण सिंह और उनके समर्थकों पर महिला पहलवानों के यौन शोषण और मनमानी के आरोप लगाए थे. कई दिनों तक चले धरना को जांच का आश्वासन देकर खत्म करा दिया गया था. जब पहलवान जांच से संतुष्ट नहीं हुए तो दोबारा धरना किया और फिर इसके बाद मामले ने तूल पकड़ लिया. आखिर में बृजभूषण हट गए और दोबारा चुनाव हुए हैं. जिसमें उनके करीबी संजय सिंह की जीत हुई है. अब यह मामला दोबारा चर्चा में है.

15 में से 13 पद जीतकर भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष चुने गए हैं संजय सिंह

दिसंबर 21 यानी गुरुवार को बृजभूषण सिंह के वफादार संजय सिंह 15 में से 13 पद जीतकर भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष चुने गए हैं. इसके बाद साक्षी मलिक, बजरंग पूनिया और विनेश फोगाट ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की. साक्षी कुश्ती छोड़ने का ऐलान किया. जिसमें उन्होंने कहा "हमने दिल से लड़ाई लड़ी, लेकिन अगर बृजभूषण जैसे व्यक्ति, उनके बिजनेस पार्टनर और करीबी सहयोगी को डब्ल्यूएफआई का अध्यक्ष चुना जाता है, तो मैं कुश्ती छोड़ देती हूं. आज से आप मुझे मैट पर नहीं देखेंगे.