भारत के पूर्वोत्तर हिस्से में स्थित असम अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए पहले से ही प्रसिद्ध है, लेकिन मानसून का मौसम आते ही यहां का नजारा पूरी तरह बदल जाता है. चारों ओर फैली हरियाली और बादलों से घिरे दृश्य इस राज्य को और खास बना देते हैं. बारिश की बूंदें जैसे ही धरती को छूती हैं, असम के चाय बागान, पहाड़ियां और जंगल नए रंग में नजर आने लगते हैं. यही वजह है कि मानसून के दौरान यहां आने वाले पर्यटक प्रकृति के बेहद करीब होने का अनुभव महसूस करते हैं.
मानसून के दौरान असम का लगभग हर इलाका हरे रंग की चादर से ढका दिखाई देता है. बारिश के कारण पेड़-पौधे और वन क्षेत्र पहले से ज्यादा ताजगी से भर जाते हैं. दूर-दूर तक फैली हरियाली लोगों को सुकून का एहसास कराती है. प्रकृति प्रेमियों के लिए यह समय राज्य की असली खूबसूरती देखने का अवसर माना जाता है.
असम दुनिया भर में अपने चाय बागानों के लिए जाना जाता है. मानसून के मौसम में इन बागानों की सुंदरता और अधिक बढ़ जाती है. हल्की बारिश और धुंध के बीच फैले हरे-भरे चाय के पौधे बेहद मनमोहक दृश्य पेश करते हैं. यही वजह है कि यहां आने वाले पर्यटक इन स्थानों पर ज्यादा समय बिताना पसंद करते हैं.
राज्य के कई हिस्सों में मानसून के दौरान पहाड़ियां बादलों की चादर में लिपटी नजर आती हैं. सुबह और शाम के समय यह दृश्य और भी आकर्षक हो जाता है. प्राकृतिक नजारों को पसंद करने वाले लोगों के लिए यह अनुभव यादगार साबित हो सकता है. मौसम भी इस दौरान काफी सुहावना बना रहता है.
बारिश का पानी बढ़ने के साथ कई झरने अपने पूरे वेग में बहने लगते हैं. इनका नजारा देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं. मानसून के दौरान असम का प्राकृतिक वातावरण ताजगी और शांति का अनुभव कराता है. यही कारण है कि यह मौसम राज्य की खूबसूरती को देखने के लिए सबसे उपयुक्त समय माना जाता है.