Food Divorce Trend: आजकल मॉडर्न जिंदगी में पति-पत्नी या पार्टनर्स के बीच एक नया ट्रेंड तेजी से लोकप्रिय हो रहा है, जिसे 'फूड डिवोर्स' कहा जा रहा है. नाम सुनकर लग सकता है कि ये किसी अलगाव की बात है, लेकिन वास्तव में ऐसा नहीं है. फूड डिवोर्स का मतलब है कि कपल एक साथ रहते हैं, बातें करते हैं और अपना रिश्ता निभाते हैं, लेकिन खाने की आदतों में एक-दूसरे की पसंद का दबाव नहीं डालते. दोनों अपनी मर्जी, समय और जरूरत के हिसाब से अलग-अलग खाना पसंद करते हैं और खाते हैं.
पारंपरिक रूप से भारतीय घरों में साथ बैठकर खाना खाने को बहुत महत्व दिया जाता है. माना जाता है कि खाने की मेज पर परिवार या कपल का इकट्ठा होना सिर्फ पेट भरने का काम नहीं, बल्कि दिनभर की थकान दूर करने, बातें शेयर करने और एक-दूसरे से जुड़ने का अच्छा मौका होता है. खाना प्यार जताने और खुशियों को साझा करने का तरीका भी माना जाता है. लेकिन बदलते समय के साथ खान-पान की आदतें भी बदल रही हैं. अब कई कपल्स इस पुरानी परंपरा से थोड़ा हटकर अपनी पसंद को प्राथमिकता दे रहे हैं.
इसमें कपल पहले की तरह साथ रहते हैं, लेकिन एक ही तरह का खाना खाने की मजबूरी छोड़ देते हैं. उदाहरण के लिए, एक पार्टनर को बाहर का स्पाइसी या फास्ट फूड अच्छा लगता है, जबकि दूसरे को घर का सादा और हल्का खाना पसंद है. ऐसे में दोनों मन मारकर एक-दूसरे की पसंद नहीं खाते, बल्कि अपनी पसंद का अलग खाना बनाते या मंगवाते हैं. कोई जिम जा रहा हो तो प्रोटीन रिच डाइट लेता है, तो दूसरा कार्ब्स या वेजिटेरियन मील चुन सकता है.
इस ट्रेंड के पीछे कई वजहें हैं. सबसे बड़ी वजह फिटनेस गोल है. हर व्यक्ति की शरीर की जरूरत अलग होती है- किसी को ज्यादा प्रोटीन चाहिए, किसी को कम कैलोरी वाली डाइट. ऐसे में एक ही खाना दोनों के लिए सही नहीं बैठता. दूसरी बड़ी वजह समय की कमी है. आजकल ज्यादातर कपल्स में दोनों कामकाजी होते हैं. ऑफिस की शिफ्ट अलग-अलग होने से साथ बैठकर खाना मुश्किल हो जाता है. झगड़ा करने के बजाय वे अपने-अपने हिसाब से खाना खा लेते हैं. खरीदारी भी अपनी पसंद के हिसाब से करते हैं.