नई दिल्ली: भीषण गर्मी, तेज धूप और बढ़ती UV किरणों के बीच अब लोग खुद को बचाने के लिए सिर्फ सनस्क्रीन पर निर्भर नहीं हैं. अब मार्केट में ऐसे कपड़ों का ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है, जो UV किरणों से सुरक्षा देने का दावा करते हैं. जैकेट, शर्ट, ट्राउजर, टोपी, ग्लव्स और स्कार्फ जैसे कपड़े अब UV-प्रोटेक्टिव टेक्नोलॉजी के साथ आने लगे हैं.
पराबैंगनी विकिरण से बचाव करने वाले ये कपड़े खास तकनीक से तैयार किए जाते हैं. इनका मकसद सूरज की हानिकारक UVA और UVB किरणों को त्वचा तक पहुंचने से रोकना है. यही वजह है कि यह ट्रेंड अब फैशन के साथ-साथ स्किन प्रोटेक्शन का भी हिस्सा बन चुका है.
इन कपड़ों में सामान्य फैब्रिक की तुलना में ज्यादा घनी बुनाई की जाती है, जिससे धूप की किरणें आसानी से अंदर नहीं जा पातीं. इसके अलावा इनमें पॉलिएस्टर, नॉयलॉन और हाई-टेक कॉटन ब्लेंड जैसे फैब्रिक का इस्तेमाल किया जाता है, जो UV किरणों को बेहतर तरीके से ब्लॉक करते हैं.
कई कंपनियां कपड़ों पर खास UV-ब्लॉकिंग कोटिंग भी करती हैं. इसमें जिंक ऑक्साइड और टाइटेनियम डाइऑक्साइड जैसे तत्व मिलाए जाते हैं, जो UV किरणों को रिफ्लेक्ट करने में मदद करते हैं.
जिस तरह सनस्क्रीन में SPF होता है, उसी तरह इन कपड़ों में UPF यानी पराबैंगनी सुरक्षा कारक होता है. यह बताता है कि कपड़ा कितनी UV किरणों को रोक सकता है.
UPF 15-20: सामान्य सुरक्षा.
UPF 30-40: अच्छी सुरक्षा.
UPF 50+: बेहतरीन सुरक्षा.
UPF 50+ वाले कपड़े करीब 98 प्रतिशत तक UV किरणों को ब्लॉक कर सकते हैं. वहीं UPF 15 से कम वाले कपड़ों को सन प्रोटेक्शन कैटेगरी में नहीं माना जाता.
बढ़ती गर्मी, हीटवेव, सनबर्न और टैनिंग के खतरे के कारण लोग अब ऐसे कपड़ों को पसंद कर रहे हैं. खासकर बाइक, साइकिल, बस और ऑटो से सफर करने वाले लोग UV-प्रोटेक्टिव कपड़ों की ओर तेजी से आकर्षित हो रहे हैं.
अब यह ट्रेंड सिर्फ स्पोर्ट्स वियर तक सीमित नहीं है. मार्केट में UV-प्रोटेक्टिव टी-शर्ट, ड्रेसेस, कैप, ग्लव्स और बच्चों के कपड़े भी उपलब्ध हैं. डार्क रंग और मोटे फैब्रिक वाले कपड़े हल्के रंगों और पतले कपड़ों की तुलना में ज्यादा सुरक्षा देते हैं.
विशेषज्ञों का कहना है कि UV-प्रोटेक्टिव कपड़े लगातार सुरक्षा देते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि सनस्क्रीन लगाना बंद कर दिया जाए. चेहरे, हाथ और शरीर के खुले हिस्सों पर सनस्क्रीन लगाना अब भी जरूरी है. साथ ही धूप का चश्मा पहनने की सलाह भी दी जाती है.
विशेषज्ञों के मुताबिक अगर ये कपड़े गीले हो जाएं, तो उनकी UPF क्षमता कम हो सकती है. इसलिए बाहर निकलते समय सनस्क्रीन साथ रखना बेहतर माना जाता है.