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यूनेस्को की वर्ल्ड हेरिटेज में शामिल है भारत की ये 3 रेलवे लाइन्स, खूबसूरती ऐसी कि कभी भूल नहीं पाएंगे

भारत की तीन खूबसूरत रेलवे लाइंस को यूनेस्को ने अपने वर्ल्ड हेरिटेज की सूची में शामिल किया है. आपको अपने जीवन में कम से कम एक बार इन रेलवे लाइंस पर यात्रा जरूर करनी चाहिए.

Manish Pandey

भारत में कई ऐसी जगहें हैं जहां लोग घूमने जाते हैं. लेकिन आज हम आपको उन जगहों के बारे में नहीं बल्कि उन जगहों तक पहुँचने की यात्रा के बारे में बताएंगे. अक्सर ऐसा कहा जाता है कि आगे रास्ते खूबसूरत हो तो मंजिल अपने आप खूबसूरत हो जाती है. इसी का उदाहरण है भारत की कई ट्रेन यात्राएं, जिनकी खूबसूरती के कारण यूनेस्को ने इन रेलेवे लाइंस को अपने वर्ल्ड हेरिटेज की लिस्ट में शामिल किया है. ट्रेन यात्राएं न सिर्फ किफायती होती हैं बल्कि बेहद खूबसूरत भी होती हैं. चलिए आज आपको ऐसी ही तीन खूबसूरत रेलवे लाइंस के बारे में बताते हैं, जहां अगर आपने एक बार यात्रा कर ली तो कभी भूल नहीं पाएंगे. 

दार्जिलिंग टॉय ट्रेन

दार्जिलिंग टॉय ट्रेन -  दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे के नाम से जाने जाने वाले टॉय ट्रेन की यात्रा हर ट्रेवलर्स की बकेट लिस्ट में जरूर होता है. दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे भारत की ऐतिहासिक पहाड़ी रेलवे में से सबसे पुराना है.  आप टॉय ट्रेन से  पश्चिम बंगाल राज्य के न्यू जलपाइगुड़ी से सिलीगुड़ी, कुर्सेओंग और घुम के माध्यम से दार्जिलिंग तक 80 किलोमीटर की यात्रा का आनंद उठा सकते हैं. यह रेलवे लाइंस खूबसूरत पहाड़ियों से घिरी है और आप यहाँ से कांचनजंघा पर्वत शृंखला की सुंदर पहाड़ियों को भी देख सकते हैं. यह यात्रीकों को पूर्वी हिमालय की कम ऊचाईयों से लेकर दार्जिलिंग के उच्च पहाड़ियों और लुश ग्रीन चाय बागों के माध्यम से ले जाता है. इस लाइन पर दार्जिलिंग से दो घंटे की खुशी की सवारीयां लोकप्रिय हैं.

नीलगिरी माउंटेन रेलवे - ये लाइन भारत में चलने वाली एकमात्र मीटर गेज रैक रेलवे है. नीलगिरी माउंटेन रेलवे लाइन पर टॉय ट्रेन की यात्रा करके आप ऊटी हिल स्टेशन जा सकते हैं. इस रेलवे लाइन को ब्रिटीशर्स ने चेन्नई जाने के लिए बनवाया था. इस लाइन पर यात्रा के दौरान आप खूबसूरत चट्टानी भूमि और घने हरी पहाड़ियों के बीच से गुजरेंगे, जो आपकी यात्रा को बेहद यादगार बना देगी.  मेट्टुपालयम से कूनूर होते हुए 46 किलोमीटर की यात्रा करके ऊटी पहुँचने के दौरान आप 32 पुलों और 16 सुरंगों से गुजरेंगे. इस यात्रा के दौरान आपको सबसे अच्छे दृश्य मेट्टुपालयम से कूनूर तक देखने को मिलेंगे. 

नीलगिरी माउंटेन रेलवे

कालका-शिमला टॉय ट्रेन - कालका-शिमला टॉय ट्रेन यात्रा भारत की सबसे खूबसूरत ट्रेन यात्राओं में से एक है. अगर आप ट्रेन यात्रा का लुत्फ उठाना चाहते हैं तो आपको इस लाइन में यात्रा जरूर करनी चाहिए. शिमला जाने वाले यात्रियों के बीच कालका-शिमला टॉय ट्रेन बेहद चर्चित है. चंडीगढ़ के पास स्थित कालका से यात्रा शुरू करके आप 96 किलोमीटर की दूरी तय करके पाँच घंटे में शिमला पहुँच सकते हैं. इस खूबसूरत यात्रा के दौरान आप 20 रेलवे स्टेशनों, 103 सुरंगों, 800 पुलों, और अद्भुत 900 कर्वों से गुजरते हुए शिमला पहुंचेंगे.

कालका-शिमला टॉय ट्रेन