वेजिटेरियन फैमिली से हैं साइना नेहवाल! फिर भी खाने लगी थीं नॉन-वेज, जानिए क्यों
साइना ने एक इंटरव्यू में कहा कि करियर की शुरुआत में वह शाकाहारी भोजन पर निर्भर थीं. लेकिन जैसे-जैसे बड़े टूर्नामेंट्स शुरू हुए, उनकी बॉडी को ज्यादा प्रोटीन की जरूरत पड़ने लगी. मसल्स की टोनिंग, चोट से जल्दी रिकवर होने और बेहतर परफॉर्मेंस के लिए प्रोटीन बहुत जरूरी होता है.
Saina Nehwal Diet: बैडमिंटन की स्टार खिलाड़ी साइना नेहवाल ने हाल ही में अपने करियर के दौरान अपनाई गई डाइट के अनसुने राज खोले हैं. शुरुआती दिनों में पूरी तरह वेजिटेरियन रहने वाली साइना को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलते हुए प्रोटीन की जरूरत पूरी करने के लिए नॉन-वेज खाना शुरू करना पड़ा. उन्होंने खुद बताया कि यह उनके लिए मजबूरी बन गई थी.
वेजिटेरियन फैमिली से हैं साइना नेहवाल!
साइना ने एक इंटरव्यू में कहा कि करियर की शुरुआत में वह शाकाहारी भोजन पर निर्भर थीं. लेकिन जैसे-जैसे बड़े टूर्नामेंट्स शुरू हुए, उनकी बॉडी को ज्यादा प्रोटीन की जरूरत पड़ने लगी. मसल्स की टोनिंग, चोट से जल्दी रिकवर होने और बेहतर परफॉर्मेंस के लिए प्रोटीन बहुत जरूरी होता है. हर देश में प्रोटीन पाउडर या सप्लीमेंट्स आसानी से उपलब्ध नहीं होते थे. बार-बार सप्लीमेंट्स पर निर्भर रहना भी ठीक नहीं था. इसलिए उन्होंने अपनी डाइट में चिकन और अंडे शामिल कर लिए.
साइना बताती हैं- 'खेल के दौरान शरीर को मजबूत रखने के लिए सही मात्रा में प्रोटीन मिलना जरूरी है. वेज डाइट से यह पूरा नहीं हो पा रहा था, इसलिए नॉन-वेज की तरफ जाना पड़ा.' उन्होंने कहा कि यह बदलाव उनके परफॉर्मेंस के लिए फायदेमंद साबित हुआ.
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पोर्शन कंट्रोल और बैलेंस डाइट
सिर्फ नॉन-वेज खाना ही नहीं, साइना ने हमेशा खाने की मात्रा पर भी पूरा ध्यान दिया. उम्र बढ़ने के साथ उनका मेटाबॉलिज्म बदलने लगा. ज्यादा कार्बोहाइड्रेट वाली डाइट से वजन बढ़ने की समस्या होने लगी. इसे कंट्रोल करने के लिए उन्होंने दिन में तीन बार अच्छा खाना और बीच-बीच में मुट्ठी भर नट्स खाने की आदत डाली.
वे कहती हैं कि बैलेंस डाइट से न सिर्फ खेलने में मदद मिलती है, बल्कि अच्छी नींद भी आती है और शरीर में सूजन भी कम रहती है. साइना रिटायरमेंट के बाद अब अपनी डाइट को और सरल रखती हैं. घर का बना खाना, ढेर सारी सब्जियां, फल और सही मात्रा में प्रोटीन उनका मुख्य भोजन है.
अनुशासन ही असली सीक्रेट
साइना का मानना है कि फिट रहने का कोई जादुई तरीका नहीं है. अनुशासन और पोर्शन कंट्रोल सबसे महत्वपूर्ण हैं. वे कभी-कभी चीट डे भी रखती थीं, लेकिन कुल मिलाकर डाइट को संतुलित रखना ही उनका फॉर्मूला रहा.