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बच्चे पालना चाहते हैं? पढ़ लें देश में क्या बन गए हैं नए नियम-कानून

Foster Care Guidelines: हाल ही में महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने भारत में फॉस्टर केयर से जुड़ी गाइडलाइंस में बदलाव लाए हैं. पहले विवाहित जोड़ों (married couple) ही बच्चों का पालन-पोषण कर सकते थे . अब WCD ने इस नियम को हटा दिया है. अविवाहित, विधवा या कानूनी रूप से अलग हुए 35 से 60 साल के उम्र वाले व्यक्ति भी दो साल बाद बच्चे को गोद ले सकते हैं.

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Foster Care Guidelines: जो व्यक्ति माता-पिता बनना चाहता है उनके लिए एक अच्छी खबर सामने आई है. दरअसल, Women and Child Development (WCD) Ministry ने भारत में फॉस्टर केयर से जुड़ी गाइडलाइंस में बदलाव लाए हैं. पहले विवाहित जोड़ों (married couple) ही बच्चों का पालन-पोषण कर सकते थे. अब WCD ने इस नियम को हटा दिया है.

हाल ही में जारी किए गए मॉडल फोस्टर गाइडलाइन के मुताबिक अविवाहित, विधवा या कानूनी रूप से अलग हुए 35 से 60 साल के उम्र वाले व्यक्ति भी दो साल बाद बच्चे को गोद ले सकते हैं. अविवाहित महिला किसी भी जेंडर के बच्चे को गोद ले सकती है. वहीं, अविवाहित पुरुष सिर्फ male बच्चों को गोद लेकर उनका पालन-पोषण कर सकती हैं.

नियम में हुए बदलाव

विवाहित जोड़ों के मामले में किसी भी बच्चे/बच्ची का पालन पोषण देखरेख का हक तब तक नहीं दिया जाएगा जब तक उनका दो साल तक स्थिर वैवाहिक रिश्ता न हो. दो साल के पालक देखभाल के बाद अविवाहित व्यक्तियों को गोद लेने का अवसर दिया जाएगा. बता दें,  इससे पहले पांच साल की पालक देखभाल होना जरूरी था.

कैसे करें रजिस्ट्रेशन

फॉस्टर माता-पिता अब चाइल्ड एडॉप्शन रिसोर्स इनफार्मेशन एंड गाइडेंस सिस्टम नाम के प्लेटफॉर्म के जरिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं. 2024 के गाइडलाइंस में एक ऑनलाइन पोर्टल भी जारी किया गया है जहां foster माता-पिता district child protection units द्वारा रिव्यू के लिए अपने दस्तावेज अपलोड कर सकते हैं. इस प्लेटफॉर्म पर कई लोग रेजिस्ट्रेशन करवा चुके हैं. महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार मार्च 2024 तक, गोवा, हरियाणा और लक्षद्वीप को छोड़कर राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में पालन-पोषण देखभाल में 1,653 बच्चे थे.