ना नींबू ना टूथपेस्ट... बस 30 मिनट में हटेंगे होली के जिद्दी रंग, डर्मेटोलॉजिस्ट ने बताया आसान 3 स्टेप स्किन केयर रूटीन
होली खेलने के बाद त्वचा पर जमे जिद्दी रंग कई बार जल्दी नहीं निकलते. डर्मेटोलॉजिस्ट के अनुसार एक आसान 3 स्टेप रूटीन अपनाकर सिर्फ 30 मिनट में रंग को काफी हद तक हटाया जा सकता है.
नई दिल्ली: होली का त्योहार रंगों और खुशियों से भरा होता है. लेकिन कई बार रंग खेलने के बाद त्वचा पर जिद्दी दाग रह जाते हैं जिन्हें हटाना आसान नहीं होता. आजकल बाजार में मिलने वाले कई रंगों में केमिकल भी होते हैं जो त्वचा पर लंबे समय तक चिपके रह सकते हैं. अगर इन्हें गलत तरीके से हटाने की कोशिश की जाए तो त्वचा में जलन, सूखापन और रैश जैसी समस्याएं हो सकती हैं.
स्किन एक्सपर्ट के अनुसार होली के रंग हटाते समय सबसे जरूरी बात यह है कि त्वचा को जोर से रगड़ा न जाए. ऐसा करने से रंग त्वचा के पोर्स में और अंदर जा सकता है और समस्या बढ़ सकती है.
पहले सादे पानी से धोएं रंग
डर्मेटोलॉजिस्ट के मुताबिक रंग हटाने की शुरुआत हमेशा सादे पानी से करनी चाहिए. सबसे पहले चेहरे और शरीर को साफ पानी से अच्छी तरह धो लें ताकि ऊपर जमा ढीला रंग हट जाए. इससे यह पता चल जाता है कि त्वचा पर असल में कितना दाग रह गया है. अगर इस स्टेप को छोड़ दिया जाए और सीधे स्क्रबिंग शुरू कर दी जाए तो रंग त्वचा के अंदर चला सकता है और जलन भी हो सकती है.
पहला स्टेप नारियल या बादाम के तेल से मसाज
रंग हटाने के लिए पहला स्टेप तेल मसाज का है. इसके लिए नारियल तेल या बादाम तेल का इस्तेमाल किया जा सकता है. तेल को चेहरे और शरीर पर लगाकर लगभग पांच से दस मिनट तक हल्के हाथों से मसाज करें. तेल में मौजूद गुण रंग के पिगमेंट को ढीला करने में मदद करते हैं. डर्मेटोलॉजिस्ट के अनुसार तेल उसी सिद्धांत पर काम करता है जिसमें तेल वाले तत्व तेल में घुल जाते हैं. इससे जिद्दी रंग को हटाना आसान हो जाता है. लेकिन ध्यान रखें कि मसाज करते समय ज्यादा दबाव न डालें. हल्के हाथों से ही मसाज करना बेहतर होता है.
दूसरा स्टेप बेसन हल्दी और दही का नैचुरल स्क्रब
तेल मसाज के बाद दूसरा स्टेप हल्का नैचुरल स्क्रब है. इसके लिए बेसन, हल्दी और दही का मिश्रण तैयार किया जा सकता है. बेसन त्वचा को हल्का एक्सफोलिएशन देता है जिससे ऊपर जमा रंग धीरे धीरे हटने लगता है. दही में मौजूद लैक्टिक एसिड त्वचा को हाइड्रेशन देने के साथ दाग को हल्का करने में मदद करता है. हल्दी त्वचा को आराम देती है और जलन कम करने में सहायक होती है.
हालांकि स्क्रब करते समय यह ध्यान रखना जरूरी है कि ज्यादा देर तक रगड़ें नहीं. ज्यादा एक्सफोलिएशन से त्वचा की सुरक्षा परत को नुकसान हो सकता है जिससे रेडनेस और ड्रायनेस हो सकती है.
तीसरा स्टेप माइल्ड क्लींजर से सफाई
तीसरे और आखिरी स्टेप में त्वचा को हल्के फेस वॉश या क्लींजर से साफ करें. इससे त्वचा पर लगा तेल और बचे हुए रंग आसानी से हट जाते हैं. एक्सपर्ट के अनुसार पीएच बैलेंस्ड क्लींजर का इस्तेमाल करना बेहतर होता है क्योंकि यह त्वचा को नुकसान पहुंचाए बिना सफाई करता है. इस स्टेप के बाद त्वचा पहले की तुलना में काफी साफ नजर आने लगती है.
रंग हटाने के बाद त्वचा को सही तरह से रिपेयर करना भी बहुत जरूरी होता है. इसके लिए सेरामाइड आधारित मॉइस्चराइजर का इस्तेमाल किया जा सकता है जिससे त्वचा की नमी बनी रहती है. अगर त्वचा ज्यादा रूखी लगे तो पैंथेनॉल, हाइलूरोनिक एसिड और सेंटेला जैसे तत्वों वाले उत्पाद भी मदद कर सकते हैं. कुछ दिनों तक रेटिनोइड्स, हार्ड स्क्रब या ब्लीचिंग ट्रीटमेंट से बचना बेहतर माना जाता है.