कन्याकुमारी में विवेकानंद रॉक पर ध्यान लगाएंगे पीएम मोदी, जानिए वहां की 5 अनसुनी बातें

PM Modi Meditation: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  30 मई की शाम से 1 जून की शाम तक कन्याकुमारी में फेमस विवेकानंद रॉक मेमोरियल में ध्यान करेंगे. आइए जानते हैं कन्याकुमारी के विवेकानंद रॉक मेमोरियल की कुछ दिलचस्प बातों के बारे में. 

Freepik
India Daily Live

Swami Vivekananda Rock Memorial: 1 जून 2024 को लोकसभा चुनाव के 7वें चरण के लिए लोग मतदान करेंगे. गुरुवार यानी आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चुनाव प्रचार समाप्त होने के साथ विवेकानंद रॉक मेमोरियल पर 45 घंटे का ध्यान करेंगे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  30 मई की शाम से 1 जून की शाम तक कन्याकुमारी में फेमस विवेकानंद रॉक मेमोरियल में ध्यान करेंगे. बता दें, यहां  स्वामी विवेकानंद ने भी ध्यान किया था. 

इस कारण विवेकानंद रॉक मेमोरियल की सुरक्षा बढ़ा दी गई है और टूरिस्ट के एंट्री पर पाबंदी रहेगी. इस दौरान 2,000 पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे. ऐसा कहा जा रहा इस जगह को इसलिए चुना गया है क्योंकि यहां पर स्वामी विवेकानंद को  दिव्य दृष्टि प्राप्त हुई थी. आइए जानते हैं कन्याकुमारी के विवेकानंद रॉक मेमोरियल की कुछ दिलचस्प बातों के बारे में. 

कहां है  विवेकानंद रॉक मेमोरियल?

विवेकानंद रॉक मेमोरियल केरल के कन्याकुमारी में स्थित है. यह पॉपुलर टूरिस्ट डेस्टिनेशन में से एक है. यह मेमोरियल वावथुराई के समुद्र तट से लगभग 500 मीटर दूर दो चट्टानों पर स्थित है.
विवेकानंद रॉक मेमोरियल लैकाडिव सागर पत्थरों से घिरा हुआ है, जहां उनके तीन महासागर मिलते हैं बे ऑफ बंगाल,  हिंद महासागर और अरेबियन सी. 


स्वामी विवेकानन्द के नाम पर रखा है नाम

परंपरा के मुताबिक उन्होंने उस विवेकानंद रॉक मेमोरियल पर कई दिनों तक ध्यान किया और दिव्य दृष्टि प्राप्त हुई थी. 1963 में स्वामी विवेकानंद की जन्म शताब्दी को नजर में रखते हुए इसका नाम विवेकानन्द रॉक रख दिया गया. यह केवल टूरिस्ट स्पॉट नहीं बल्कि धार्मिक स्थल भी है. 

हिंदू धर्म में महत्व

हिंदू धर्म के कथाओं के मुताबिक देवी कन्या कुमारी जो देवी पार्वती का एक कुंवारी अवतार हैं उन्होंने एक पैर पर खड़े रहकर भगवान शिव को अपने पति के रूप में प्राप्त करने के लिए तपस्या की थी. इसी वजह से  इस स्थान को कन्याकुमारी के नाम से जाना जाता है.

मंदिर की विशेषता

विवेकानंद मंडपम पश्चिम बंगाल के बेलूर मठ में स्थित रामकृष्ण मंदिर के समान दिखता है. मंदिर में छह आसन्न कमरे हैं. जिन्हें ध्यान मंडपम, एक ध्यान कक्ष के रूप में जाना जाता है. जहां टूरिस्ट तरोताजा हो सकते हैं और ध्यान कर सकते हैं. इसके अलावा, मंदिर की विशेषता में एक प्राचीन शैली का निर्माण पैटर्न शामिल है, और इसकी सजावट शानदार पत्थर और लकड़ी के काम से बनाई गई है.

सभा कक्ष 

मेमोरियल में एक सभा कक्ष भी है, जिसका नाम नमस्तुभ्यं जगदम्बा और सभा मंडपम है. जहां, सभा मंडपम प्रालिमा मंडपम को कंट्रोल करता है. विवेकानन्द की प्रतिमा अपने लोकप्रिय स्थान परिव्राजक में स्थित है.