यौन इच्छा न होने पर भी महिलाएं क्यों बनाती हैं शारीरिक संबंध? अध्ययन में हुआ चौंकाने वाला खुलासा

अध्ययन के अनुसार यौन इच्छा न होने पर भी महिलाएं रिश्ते को बचाने और पार्टनर की संतुष्टि के लिए संबंध बनाती हैं, जिसे शोधकर्ताओं ने 'मर्सी सेक्स' का नाम दिया है. 

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Sagar Bhardwaj

'जर्नल ऑफ सेक्स एंड मैरिटल थेरेपी' में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, यौन इच्छा की कमी (HSDD) से जूझने वाली कई महिलाएं भी महीने में 2 से 3 बार शारीरिक संबंध बनाती हैं. अपनी कोई व्यक्तिगत इच्छा न होने के बावजूद पार्टनर को खुश रखने या रिश्ते में जुड़ाव बनाए रखने के लिए बनाए जाने वाले संबंधों को वैज्ञानिकों ने 'मर्सी सेक्स' (Mercy Sex) नाम दिया है.

दवा परीक्षणों के डेटा से खुलासा

वॉशिंगटन डी.सी. के शोधकर्ताओं निकिता गुप्ता और जेम्स ए. साइमन ने हाइपोएक्टिव सेक्सुअल डिजायर डिसऑर्डर (HSDD) की दवाओं के परीक्षण डेटा का विश्लेषण किया. इस दौरान पाया गया कि इलाज शुरू होने से पहले ही प्रतिभागी महिलाएं इच्छा न होने के बावजूद नियमित रूप से संबंधों में संलग्न थीं. इस अध्ययन से स्पष्ट हुआ कि यौन दवाओं के प्रभाव का आकलन केवल संबंधों की संख्या से नहीं किया जा सकता.

रिश्ते में सुरक्षा और विकासवादी कारण

शोधकर्ताओं का मानना है कि महिलाएं अक्सर रिश्ते में स्थिरता बनाए रखने और पार्टनर को किसी अन्य जगह भटकने से रोकने के लिए ऐसा करती हैं. जैव-विकासवादी (Evolutionary) नजरिए से पुरुष कई साझेदारों की ओर आकर्षित हो सकते हैं, जबकि महिलाएं परिवार और बच्चों के पालन-पोषण के लिए रिश्ते की सुरक्षा और संसाधन साझा करने को प्राथमिकता देती हैं.


मानसिक स्वास्थ्य पर असर

कई समाज में पुरुष शारीरिक संबंध को ही भावनात्मक नजदीकी मानते हैं, इसलिए महिलाएं इच्छा न होते हुए भी विवादों से बचने और भावात्मक जुड़ाव बनाए रखने के लिए सहमत हो जाती हैं. हालांकि, विशेषज्ञों की चेतावनी है कि केवल पार्टनर को निराश न करने के लिए अपनी इच्छाओं को लगातार दबाने से महिलाओं में मानसिक तनाव और अवसाद (Depression) के लक्षण पैदा हो सकते हैं.