नई दिल्ली: हम ज्यादातर लोग नौकरी को सुबह 9 से शाम 7 तक की मेहनत समझते हैं, जहां पसीना बहाकर भी कमाई सीमित रहती है. लेकिन ग्लोबल इकोनॉमी ने ऐसे प्रोफेशन जन्म दिए हैं जहां काम न्यूनतम है और पेमेंट आकर्षक. ये जॉब्स अजीब लग सकती हैं, लेकिन लाखों लोग इन्हें फुल-टाइम या पार्ट-टाइम कर रहे हैं. प्रोफेशनल कडलर, लाइन स्टैंडर और स्लीप टेस्टर जैसी भूमिकाएं अकेलेपन, समय की कमी या प्रोडक्ट टेस्टिंग की जरूरत से पैदा हुई हैं.
इनमें कोई डिग्री जरूरी नहीं, बस थोड़ी ट्रेनिंग या प्लेटफॉर्म पर रजिस्ट्रेशन काफी है. ऑनलाइन ऐप्स और साइट्स ने इन जॉब्स को आसान बना दिया है. लोग इन्हें 'उटपटांग' कहते हैं, लेकिन कमाई देखकर हैरान रह जाते हैं. ये दिखाते हैं कि आज का दौर मेहनत से ज्यादा स्मार्ट काम को रिवॉर्ड देता है.
प्रोफेशनल कडलर सबसे चर्चित है. यहां काम सिर्फ किसी को भावनात्मक सहारा देकर गले लगाना या साथ बैठना है, कोई रोमांस नहीं. अकेलेपन से परेशान लोग इसे बुक करते हैं. अमेरिका-यूरोप में प्रति घंटे 40-100 डॉलर (करीब 3,300-8,300 रुपये) चार्ज होता है. कुछ कडलर महीने में 3,500-5,000 डॉलर कमाते हैं. भारत में भी दिल्ली-मुंबई जैसे शहरों में 5,000 रुपये प्रति सेशन मिल रहे हैं. प्लेटफॉर्म जैसे Cuddlist या Cuddle Comfort पर सर्टिफिकेशन लेकर शुरू कर सकते हैं.
लाइन स्टैंडर का काम और भी सीधा है – बस लाइन में खड़े रहना. बड़े प्रोडक्ट लॉन्च, टिकट बुकिंग या कोर्ट केस में लोग अपनी जगह बचाने के लिए हायर करते हैं. अमेरिका में घंटे के 20-40 डॉलर (1,600-3,300 रुपये) मिलते हैं. न्यूयॉर्क जैसे शहरों में प्रोफेशनल टीम्स 1,000 डॉलर प्रति हफ्ते कमा लेती हैं. TaskRabbit या Same Ole Line Dudes जैसे प्लेटफॉर्म पर बुकिंग होती है, जहां शिफ्ट्स में काम चलता है.
स्लीप टेस्टर या प्रोफेशनल बेड टेस्टर का काम सबसे सपनों जैसा लगता है – अलग-अलग बेड पर सोना और फीडबैक देना. होटल चेन, मैट्रेस कंपनियां या रिसर्च लैब्स हायर करती हैं. अमेरिका में औसत सालाना कमाई 80,000 डॉलर (करीब 67 लाख रुपये) तक है. कुछ टेस्टर हफ्तों तक अलग बेड ट्राई करते हैं और नींद, कम्फर्ट रिपोर्ट बनाते हैं. यह जॉब आरामदायक है लेकिन डिटेल्ड ऑब्जर्वेशन की जरूरत पड़ती है.
ये जॉब्स दिखाती हैं कि डिजिटल युग में समय और भावनाओं की वैल्यू कितनी बढ़ गई है. कडलर मानसिक स्वास्थ्य में मदद करते हैं, लाइन स्टैंडर समय बचाते हैं और स्लीप टेस्टर बेहतर प्रोडक्ट्स बनवाते हैं. कई लोग इन्हें पार्ट-टाइम करते हैं. हालांकि, सेफ्टी और प्रोफेशनल बॉउंड्री जरूरी हैं. भारत में भी ऐसे ट्रेंड बढ़ रहे हैं, खासकर बड़े शहरों में जहां लाइफस्टाइल बदल रहा है.
अगर आप इनमें से किसी में इंटरेस्ट रखते हैं तो ऑनलाइन प्लेटफॉर्म चेक करें. लेकिन याद रखें, हर जॉब में चुनौतियां हैं – जैसे ट्रस्ट बिल्ड करना या लंबे समय खड़े रहना. फिर भी, ये दिखाते हैं कि मेहनत के अलावा क्रिएटिविटी और जरूरत समझना भी कमाई का रास्ता खोल सकता है. दुनिया बदल रही है, और साथ ही नौकरियों के नए रूप भी! शायद कल आप भी ऐसी ही कोई अनोखी जॉब चुन लें.