Inspiring Journey: यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा को देश की सबसे कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं में गिना जाता है. अक्सर माना जाता है कि इसमें सफल होने के लिए शुरुआत से ही पढ़ाई में अव्वल होना जरूरी है. लेकिन उत्कर्ष श्रीवास्तव की कहानी इस सोच को चुनौती देती है. स्कूल से लेकर कॉलेज तक उनका शैक्षणिक रिकॉर्ड कोई असाधारण कहानी नहीं था. ग्रेजुएशन में उन्हें केवल 49 प्रतिशत अंक मिले. पढ़ाई के दौरान बैकलॉग आने पर उन्हें बैकबेंचर तक कहा गया, लेकिन उन्होंने इन बातों को अपनी मंजिल के रास्ते की दीवार नहीं बनने दिया.
उत्कर्ष श्रीवास्तव की शुरुआती पढ़ाई सामान्य रही. एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि दसवीं में उन्हें 62 प्रतिशत और बारहवीं में करीब 74 प्रतिशत अंक मिले थे. ग्रेजुएशन के दौरान बैकलॉग आने पर लोगों ने उन्हें बैकबेंचर कहना शुरू कर दिया. बीए की डिग्री में उनके कुल अंक 49 प्रतिशत रहे. हालांकि, कम अंक आने के बाद भी उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने का फैसला किया.
उत्कर्ष ने गोरखपुर स्थित दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातक की पढ़ाई की. उनकी शिक्षा हिंदी माध्यम में हुई. यूपीएससी की तैयारी के दौरान उन्होंने बहुत सारी किताबें जुटाने के बजाय चुनिंदा स्रोतों पर ध्यान दिया. भारतीय राजव्यवस्था के लिए एम. लक्ष्मीकांत की किताब और बुनियादी विषयों को मजबूत करने के लिए एनसीईआरटी की पुस्तकों का सहारा लिया.
यूपीएससी में सफलता मिलने से पहले उत्कर्ष को कई बार निराशा का सामना करना पड़ा. उनके इंटरव्यू के अनुसार, वह पीसीएस प्रीलिम्स में पांच से छह बार असफल हुए. उत्तर प्रदेश पुलिस की जेल वार्डेन भर्ती की शारीरिक परीक्षा में दौड़ पूरी करने के दौरान भी वह केवल सात सेकंड के अंतर से पीछे रह गए. इसी दौरान वहां मौजूद एक आईपीएस अधिकारी को देखकर उनके मन में बड़ा लक्ष्य हासिल करने की इच्छा और मजबूत हुई. इसके बाद उन्होंने यूपीएससी की तैयारी को गंभीरता से आगे बढ़ाया.
उत्कर्ष की जिंदगी में निजी रिश्तों से जुड़ी मुश्किलें भी आईं. गर्लफ्रेंड से ब्रेकअप के बाद उन्हें भावनात्मक परेशानी का सामना करना पड़ा. हालांकि, उन्होंने इस दौर में भी पढ़ाई से दूरी नहीं बनाई. परिवार के समर्थन ने भी लंबे संघर्ष के दौरान उनका हौसला बनाए रखने में मदद की. लगातार असफलताओं के बावजूद उन्होंने अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित रखा.
उत्कर्ष ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2024 में अपना पांचवां प्रयास दिया और इस बार सफल रहे. उनकी ऑल इंडिया रैंक 498 रही. इसके बाद सेवा आवंटन रिकॉर्ड में उन्हें भारतीय राजस्व सेवा (सीमा शुल्क एवं अप्रत्यक्ष कर) यानी IRS (C&IT) मिली. ग्रेजुएशन में 49 प्रतिशत अंक पाने से लेकर प्रतिष्ठित सिविल सेवा तक पहुंचने का उनका सफर दिखाता है कि शुरुआती शैक्षणिक प्रदर्शन ही किसी व्यक्ति की पूरी क्षमता तय नहीं करता.