RRB NTPC UG CBT 2 Exam Date 2026: अगले चरण की परीक्षा के लिए रहें तैयार, तारीख का ऐलान; 45898 कैंडिडेट होंगे शामिल
रेलवे भर्ती बोर्ड ने एनटीपीसी स्नातक स्तर की दूसरे चरण की कंप्यूटर आधारित परीक्षा की तारीख घोषित कर दी है. 3,058 पदों के लिए चयनित 45,898 अभ्यर्थी अब अगले चरण में शामिल होंगे.
नई दिल्ली: रेलवे भर्ती बोर्ड ने एनटीपीसी स्नातक स्तर की दूसरे चरण की कंप्यूटर आधारित परीक्षा को लेकर अहम जानकारी को शेयर किया है. यह परीक्षा 17 सितंबर को प्रस्तावित है. इस भर्ती के जरिए 3,058 पदों पर नियुक्तियां की जानी हैं. पहले चरण की परीक्षा में सफल रहने वाले 45,898 अभ्यर्थियों को अब दूसरे चरण में शामिल होने का मौका मिलेगा. परीक्षा की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए अब समय काफी सीमित है, इसलिए उन्हें पाठ्यक्रम और परीक्षा पद्धति के अनुसार तैयारी तेज करनी होगी.
डाउनलोड करने की सुविधा
बोर्ड ने परीक्षा की तारीख को फिलहाल संभावित बताया है. इसलिए उम्मीदवारों को अपने क्षेत्रीय रेलवे भर्ती बोर्ड की वेबसाइट पर आने वाली सूचनाओं पर नजर रखनी होगी. परीक्षा शहर की जानकारी परीक्षा से लगभग 10 दिन पहले उपलब्ध कराई जाएगी. वहीं प्रवेश पत्र परीक्षा से चार दिन पहले जारी होने की संभावना है. उम्मीदवारों को प्रवेश पत्र में परीक्षा केंद्र, पाली, रिपोर्टिंग समय और जरूरी निर्देश मिलेंगे. अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के पात्र उम्मीदवारों के लिए यात्रा प्राधिकरण डाउनलोड करने की सुविधा भी दी जा सकती है.
45,898 उम्मीदवारों के लिए अगला पड़ाव
एनटीपीसी स्नातक स्तर की भर्ती में दूसरे चरण के लिए 45,898 अभ्यर्थियों को चुना गया है. ये उम्मीदवार पहले चरण की कंप्यूटर आधारित परीक्षा में निर्धारित मानकों पर खरे उतरे हैं. अब सभी की नजर दूसरे चरण की परीक्षा पर है. इस भर्ती के तहत 3,058 रिक्त पद भरे जाएंगे. इनमें वाणिज्यिक सह टिकट लिपिक, कनिष्ठ लिपिक सह टंकक, लेखा लिपिक सह टंकक और ट्रेन लिपिक जैसे पद शामिल हैं. कुछ पदों के लिए टंकण से जुड़ी अतिरिक्त शर्तें भी लागू हो सकती हैं.
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परीक्षा शहर और प्रवेश पत्र की तारीख
17 सितंबर को परीक्षा प्रस्तावित होने के कारण परीक्षा शहर की जानकारी करीब 7 सितंबर के आसपास उपलब्ध कराई जा सकती है. उम्मीदवार संबंधित सूचना के माध्यम से अपने आवंटित शहर और परीक्षा से जुड़ी जानकारी देख सकेंगे. प्रवेश पत्र परीक्षा से चार दिन पहले, यानी करीब 13 सितंबर से मिलने की संभावना है. इसमें नाम, अनुक्रमांक, परीक्षा केंद्र, पाली और रिपोर्टिंग समय जैसी जानकारी होगी. उम्मीदवारों को प्रवेश पत्र मिलने के बाद सभी विवरण ध्यान से जांच लेने चाहिए.
120 सवाल, 90 मिनट और नकारात्मक अंक
दूसरे चरण की परीक्षा में कुल 120 बहुविकल्पीय प्रश्न होंगे. सामान्य जागरूकता से 50, गणित से 35 और सामान्य बुद्धिमत्ता एवं तर्कशक्ति से 35 प्रश्न पूछे जाएंगे. हर सवाल एक अंक का होगा और परीक्षा के लिए 90 मिनट मिलेंगे. गलत उत्तर देने पर एक तिहाई अंक काटे जाएंगे. दिव्यांग उम्मीदवारों को लेखक की सुविधा मिलने की स्थिति में 120 मिनट का समय दिया जा सकता है. ऐसे में केवल गति ही नहीं, सही उत्तर देने की क्षमता भी बेहद महत्वपूर्ण होगी.
इन विषयों पर मजबूत पकड़ जरूरी
गणित में संख्या पद्धति, प्रतिशत, अनुपात, लाभ हानि, समय और कार्य, समय दूरी, ब्याज, बीजगणित, ज्यामिति, त्रिकोणमिति और सांख्यिकी पर ध्यान देना जरूरी है. तर्कशक्ति में समानता, श्रृंखला, कूटलेखन, कथन निष्कर्ष, पहेली और निर्णय लेने जैसे हिस्से महत्वपूर्ण हैं. सामान्य जागरूकता में समसामयिक घटनाएं, इतिहास, भूगोल, राजनीति, अर्थव्यवस्था, विज्ञान, पर्यावरण, कंप्यूटर, सरकारी योजनाएं, खेल, कला और संस्कृति शामिल हैं. अभ्यर्थियों को रोजाना इन विषयों का दोहराव करना चाहिए.
आधार सत्यापन से लेकर आगे की प्रक्रिया
परीक्षा केंद्र पर प्रवेश से पहले आधार आधारित जैविक पहचान सत्यापन किया जाएगा. उम्मीदवारों को मूल आधार कार्ड या बोर्ड के निर्देश के अनुसार सत्यापित आधार की प्रति साथ रखनी होगी. आधार में नाम, जन्मतिथि और फोटो जैसी जानकारी सही होना जरूरी है.
पहले चरण की परीक्षा 7 मई से 20 जून के बीच हुई थी. उत्तर कुंजी 27 जून को जारी हुई और आपत्ति की अंतिम तारीख 5 जुलाई थी. इसका परिणाम 24 अगस्त को जारी किया गया. दूसरे चरण के बाद पद के अनुसार कौशल परीक्षा, दस्तावेज सत्यापन और चिकित्सकीय जांच हो सकती है. उपलब्ध कार्यक्रम में कौशल परीक्षा के लिए 4 दिसंबर संभावित बताया गया है.
कमजोर हिस्सों को मजबूत करना ज्यादा उपयोगी
परीक्षा की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को अब समय का सही इस्तेमाल करना चाहिए. पुराने प्रश्नपत्र हल करने, नियमित अभ्यास और पूर्ण लंबाई के नमूना प्रश्नपत्र देने से गति बेहतर हो सकती है. हर अभ्यास के बाद गलत सवालों की समीक्षा करना भी जरूरी है. अंतिम दिनों में नए विषय जोड़ने के बजाय कमजोर हिस्सों को मजबूत करना ज्यादा उपयोगी रहेगा.