Delhi Night Shift Rule: दिल्ली में अब महिलाएं रात में भी कर सकेंगी काम, CM रेखा गुप्ता ने कहा ‘बराबरी का हक मिला’

Delhi Night Shift Rule for Woman: दिल्ली सरकार ने महिलाओं को रात में काम करने की अनुमति दी है. अब दुकानें और प्रतिष्ठान महिलाओं को नाइट शिफ्ट में रख सकेंगे, बशर्ते सुरक्षा नियमों का पालन हो.

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Reepu Kumari

Delhi Night Shift Rule for Woman: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को राष्ट्रीय राजधानी में दुकानों और वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों में महिला कर्मचारियों को रात में काम करने की अनुमति देने के अपनी सरकार के फैसले की सराहना की. सीएम ने इसे कार्यस्थल में लैंगिक समानता की दिशा में एक लंबे समय से प्रतीक्षित कदम बताया.

एएनआई से बात करते हुए रेखा गुप्ता ने कहा, 'मैं यह सोचकर हैरान हूं कि महिलाओं को रात 9 बजे से सुबह 7 बजे तक काम करने के अधिकार से क्यों वंचित रखा गया था. हमने इसे निरस्त कर दिया है. अब महिलाएं अपनी सुविधानुसार किसी भी समय काम कर सकती हैं.'

यहां महिलाएं नहीं कर पाएंगी नाइट शिफ्ट 

उपराज्यपाल द्वारा जारी अधिसूचना के माध्यम से औपचारिक रूप से लिया गया यह निर्णय, दिल्ली दुकान एवं प्रतिष्ठान अधिनियम, 1954 के प्रावधानों में संशोधन करता है. जुलाई में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता द्वारा की गई इस घोषणा को अब श्रम विभाग द्वारा आधिकारिक रूप से अधिसूचित कर दिया गया है. नए आदेश के तहत, शराब की दुकानों को छोड़कर सभी दुकानें और वाणिज्यिक प्रतिष्ठान रात के समय महिलाओं को रोजगार दे सकते हैं, बशर्ते वे सभी निर्धारित सुरक्षा, कल्याण और श्रम कानून की शर्तों का पालन करें.

48 घंटे काम का नियम

अधिसूचना के अनुसार, किसी भी कर्मचारी को प्रतिदिन नौ घंटे या सप्ताह में 48 घंटे से अधिक काम करने की आवश्यकता नहीं होगी. बिना ब्रेक के पांच घंटे से अधिक लगातार काम करना प्रतिबंधित है.किसी भी महिला को केवल रात्रि पाली में काम करने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा. नियोक्ताओं को सभी रात्रि पाली कर्मचारियों के लिए सुरक्षित परिवहन, पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था और सीसीटीवी कवरेज सुनिश्चित करना आवश्यक है. सीसीटीवी फुटेज को कम से कम एक महीने तक सुरक्षित रखना होगा और अधिकारियों द्वारा मांगे जाने पर प्रस्तुत करना होगा.

ओवरटाइम के पैसे

ओवरटाइम काम करने वाले कर्मचारियों को उनके नियमित वेतन का दोगुना मिलेगा. राष्ट्रीय अवकाश पर काम करने वालों को दोगुना वेतन और प्रतिपूरक अवकाश दिया जाएगा.

पीएफ और बीमा

खबर एजेंसी एएनआई की मानें तो नियोक्ता सभी श्रमिकों के लिए भविष्य निधि (पीएफ), कर्मचारी राज्य बीमा (ईएसआई), बोनस और अवकाश लाभ सुनिश्चित करने के लिए भी जिम्मेदार हैं. इसके अतिरिक्त, कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और निवारण) अधिनियम, 2013 के अनुसार, प्रत्येक प्रतिष्ठान को एक आंतरिक शिकायत समिति (आईसीसी) का गठन करना होगा. महिला कर्मचारियों को रात्रि पाली में काम पर रखने से पहले उनकी पूर्व सहमति अनिवार्य है.