BPSC 70th Prelims Re-Exam 2024: विरोध के बीच 5,943 छात्र बिहार लोक सेवा प्रारंभिक परीक्षा में दोबारा हुए शामिल
BPSC 70वीं प्रारंभिक परीक्षा पुनर्परीक्षा 2024 की शुरुआत हो गई है. पटना के 22 केंद्रों पर पुनर्परीक्षा आयोजित की गई. पुनर्परीक्षा के लिए 12,012 छात्रों को एडमिट कार्ड जारी किए गए.
BPSC 70th Prelims Re-Exam 2024: बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने कथित अनियमितताओं के कारण 13 दिसंबर की परीक्षा रद्द होने के बाद आज 70वीं संयुक्त (प्रारंभिक) प्रतियोगी परीक्षा आयोजित की. पटना के 22 केंद्रों पर दोबारा परीक्षा आयोजित की गई. 12,012 छात्रों को एडमिट कार्ड जारी किए गए, जिनमें से 8,111 ने अपने हॉल टिकट डाउनलोड किए और 5,943 दोपहर 12 बजे से दोपहर 2 बजे तक आयोजित परीक्षा में शामिल हुए.
छात्रों को सुबह 11 बजे तक परीक्षा हॉल में प्रवेश करने की अनुमति दी गई. प्रत्येक प्रश्न के चार विकल्प थे, गलत उत्तरों के लिए एक तिहाई अंक काटे गए. एक आधिकारिक विज्ञप्ति में बीपीएससी ने कहा, 'पुनर्परीक्षा शांतिपूर्ण एवं कदाचार मुक्त वातावरण में आयोजित की गई.'
15 दिनों से धरना
पिछली परीक्षा रद्द होने से काफी अशांति फैल गई थी, अभ्यर्थी पिछले 15 दिनों से धरना प्रदर्शन कर रहे थे. राजनीतिक दल भी विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए, उन्होंने दोबारा परीक्षा कराने और कथित तौर पर आत्महत्या करने वाले BPSC अभ्यर्थी के परिवार को मुआवजा देने की मांग की. जनसुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर जैसी प्रमुख हस्तियां फिलहाल अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं, जबकि पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने अभ्यर्थियों के समर्थन में 3 जनवरी को रेल रोको विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व किया.
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सीसीटीवी फुटेज आई सामने
विवाद तब और बढ़ गया जब बीपीएससी परीक्षा केंद्र से चौंकाने वाली सीसीटीवी फुटेज सामने आई, जिसमें अभ्यर्थी प्रश्नपत्र फाड़ते और साथी परीक्षार्थियों से छीनते हुए दिखाई दे रहे थे. फुटेज में अभ्यर्थी एक कमरे में भागते हुए दिखाई दे रहे हैं, जहां परीक्षा अधिकारी प्रश्नपत्र वितरित करने में 40-45 मिनट की देरी के बारे में चिंताओं को संबोधित कर रहे थे. खोए हुए समय की भरपाई के आश्वासन के बावजूद, कुछ अभ्यर्थियों ने हंगामा किया, अधिकारियों को धक्का दिया और प्रश्नपत्रों से भरे बक्सों पर हमला किया.
अधिकारियों ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि सीलबंद प्रश्नपत्रों के बक्से ठीक से खोले गए थे, लेकिन देरी के कारण अशांति फैल गई. शिकायत में कहा गया है, 'अभ्यर्थियों ने देरी के लिए स्पष्टीकरण मांगा और शोर सुनकर अन्य लोग भी इसमें शामिल हो गए, उन्होंने अराजकता फैलाई और प्रश्नपत्र फाड़ दिए.'