सीएम पुष्कर सिंह धामी ने की बालेश्वर मंदिर की प्रशंसा, दर्शन का किया आह्वान
मुख्यमंत्री ने बताया कि बालेश्वर मंदिर की दीवारों और पत्थरों पर बनी नक्काशी बहुत खास है. सदियों पुरानी यह शिल्पकला हमारी सांस्कृतिक धरोहर की कहानी कहती है. यह मंदिर सिर्फ पूजा स्थल नहीं, बल्कि पुरानी कला और परंपरा का जीवंत प्रमाण है.
देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चंपावत जनपद में स्थित प्राचीन बालेश्वर मंदिर को लेकर एक खास संदेश दिया है. उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड का यह मंदिर भगवान शिव की गहरी आस्था, पुराने इतिहास और बेहतरीन स्थापत्य कला का अनोखा मेल है.
सीएम पुष्कर सिंह धामी ने की बालेश्वर मंदिर की प्रशंसा
मुख्यमंत्री ने बताया कि बालेश्वर मंदिर की दीवारों और पत्थरों पर बनी नक्काशी बहुत खास है. सदियों पुरानी यह शिल्पकला हमारी सांस्कृतिक धरोहर की कहानी कहती है. यह मंदिर सिर्फ पूजा स्थल नहीं, बल्कि पुरानी कला और परंपरा का जीवंत प्रमाण है. पुष्कर सिंह धामी ने लोगों से अपील की कि चंपावत आने पर इस पावन शिवधाम के दर्शन जरूर करें. यहां आकर आध्यात्मिक शांति मिलती है और हमारी समृद्ध विरासत का अनुभव होता है जो लंबे समय तक याद रहता है.
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बालेश्वर मंदिर चंपावत में स्थित है और भगवान शिव को समर्पित है. इसका निर्माण प्राचीन काल में हुआ था. मंदिर की दीवारों पर बनी कलाकृतियां आज भी देखने वालों को आकर्षित करती हैं. पत्थरों को तराशकर बनाई गई मूर्तियां और डिजाइन उस समय की कुशलता को दिखाते हैं.
मुख्यमंत्री का यह संदेश पर्यटकों और श्रद्धालुओं दोनों के लिए है. उत्तराखंड देवभूमि कहलाता है. यहां कई प्राचीन मंदिर हैं जो आस्था और इतिहास को जोड़ते हैं. बालेश्वर मंदिर उनमें से एक महत्वपूर्ण स्थान है. यहां आकर लोग न सिर्फ पूजा करते हैं बल्कि पुरानी संस्कृति को भी जान पाते हैं.
सीएम धामी ने जोर दिया कि ऐसी विरासतों को बचाना और बढ़ावा देना जरूरी है. मंदिर की नक्काशी और स्थापत्य कला आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत है. चंपावत जैसे पहाड़ी इलाकों में ऐसे स्थल पर्यटन को भी बढ़ाते हैं. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का यह आह्वान शिव भक्तों और पर्यटकों को चंपावत आने के लिए प्रेरित करता है. बालेश्वर मंदिर देवभूमि की पहचान को और मजबूत बनाता है. यहां के दर्शन से मन को शांति मिलती है और सांस्कृतिक गौरव का अहसास होता है.