‘मेरे रहते चीन ताइवान पर नहीं करेगा कार्रवाई…’ ट्रंप ने जिनपिंग से बातचीत को लेकर किया बड़ा दावा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि जब तक वो राष्ट्रपति हैं, तब तक चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ताइवान के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करेंगे.

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Shilpa Srivastava

नई दिल्ली: चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को भरोसा दिलाया था कि ट्रंप के राष्ट्रपति रहते हुए बीजिंग ताइवान को मेन लैंड चीन के साथ मिलाने के अपने लक्ष्य की तरफ कोई कदम नहीं उठाएगा. ट्रंप ने यह बयान रविवार, 2 नवंबर, 2025 को CBS के 60 मिनट्स प्रोग्राम में दिए गए एक इंटरव्यू में दिया.

ट्रंप ने बताया कि दक्षिण कोरिया में जिनपिंग से उनकी मुलाकात हुई. उन्होंने मुख्य रूप से अमेरिका और चीन के बीच ट्रेड के मुद्दों पर बात की थी. ताइवान को लेकर सीधे तौर पर चर्चा नहीं हुई थी. हालांकि, ट्रंप ने कहा कि उन्हें भरोसा है कि जब तक वो राष्ट्रपति हैं तब तक चीन ताइवान के खिलाफ कोई कदम नहीं उठाएगा. 

ताइवान के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करेंगे- जिनपिंग

ट्रंप के अनुसार, राष्ट्रपति जिनपिंग और चीनी अधिकारियों ने पहले ही यह साफ कर दिया है कि वो उनके कार्यकाल के दौरान ताइवान के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करेंगे. बता दें कि ताइवान का मुद्दा दशकों से तनाव का कारण रहा है. चीन ताइवान को अपने क्षेत्र का हिस्सा मानता है. साथ ही संकेत दिया है कि अगर जरूरी हुआ तो बल का इस्तेमाल किया जाएगा. हालांकि, ताइवान खुद को एक अलग लोकतांत्रित देश मानता है. 

ट्रंप ने अमेरिकी सैनिक भेजने को लेकर नहीं दिया को जवाब:

जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या वो चीन की तरफ से हमले होने की स्थिति में ताइवान की मदद के लिए अमेरिकी सैनिक भेजेंगे, तो ट्रंप ने सीधा जवाब नहीं दिया. उन्होंने कहा, “अगर ऐसा होता है तो आपको पता चल जाएगा और वह इसका जवाब समझते हैं.” ट्रंप ने कहा कि वह अपने प्लान्स को सीक्रेट रखना चाहते हैं. यह तरीका स्ट्रेटेजिक एम्बिगुइटी की लंबे समय से चली आ रही अमेरिकी पॉलिसी का पालन करता है.

वाशिंगटन में चीनी एम्बेसी या व्हाइट हाउस ने ट्रंप के बयान पर किसी भी तरह की टिप्पणी करने से इनकार किया है. 60 मिनट्स इंटरव्यू फ्लोरिडा में ट्रंप के मार-ए-लागो रिसॉर्ट में रिकॉर्ड किया गया था. इस साल की शुरुआत में CBS न्यूज के साथ एक मुकदमे को निपटाने के बाद शो में उनकी पहली उपस्थिति थी. ट्रंप की टिप्पणियों ने दुनिया भर का ध्यान खींचा है, क्योंकि चीन, ताइवान और अमेरिका के बीच तनाव आज भी इंटरनेशनल पॉलिटिक्स में सबसे जरूरी मुद्दों में से एक बना हुआ है.