'क्या यह PIEC है', दावोस में ट्रंप के 'बोर्ड ऑफ पीस' पर एलन मस्क ने कसा तंज
एलन मस्क ने वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम दावोस में पहली बार भाग लिया और ट्रंप के ‘Board of Peace’ को Greenland चुटकुले से उड़ाया. उन्होंने ऊर्जा, रोबोटिक्स और मंगल के अपने लक्ष्यों पर भी चर्चा की.
विश्व आर्थिक फोरम के मंच पर दावोस में एलन मस्क की पहली प्रस्तुति ने हल्की-फुल्की हंसी और गहरी सोच दोनों को जन्म दे दिया. उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ‘Board of Peace’ का मजाक उड़ाया और ऊर्जा, तकनीक और अंतरिक्ष पर अपने विचार साझा किए. मस्क ने सौर ऊर्जा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोबोटिक्स के महत्व पर जोर दिया, साथ ही मंगल ग्रह पर जीवन और Tesla की खुद-चलने वाली तकनीक पर भी चर्चा की.
दावोस में हंसी के साथ शुरुआत
एलन मस्क ने डावोस में अपने सत्र की शुरुआत एक मजाक से की। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने ‘Board of Peace’ के बारे में सुना तो उन्हें लगा कि यह 'P-I-E-C-E' यानी ‘पीस’ यानी टुकड़े का बोर्ड है. इसके बाद उन्होंने ग्रीनलैंड और Venezuela के 'एक छोटे टुकड़े' का जिक्र किया, जिससे दर्शकों में हंसी फूट पड़ी.
सौर ऊर्जा पर बड़ा बयान
मस्क ने ऊर्जा नीति पर भी विचार व्यक्त किए और कहा कि अमेरिका अपनी सारी बिजली जरूरत सौर ऊर्जा से पूरा कर सकता है अगर व्यापारिक बाधाएं कम हों. उन्होंने बताया कि कुछ छोटे हिस्सों का उपयोग कर संयुक्त राज्य अपनी कुल बिजली क्षमता पैदा कर सकता है, परंतु उच्च टैरिफ सौर ऊर्जा को महंगा बना रहे हैं.
रोबोट और तकनीकी भविष्य
बातचीत के दौरान मस्क ने बताया कि Tesla जल्द ही अपनी Full Self-Driving तकनीक के लिए यूरोप और चीन में नियामकीय मंजूरी की उम्मीद कर रहा है. उन्होंने भविष्य में ह्यूमनॉइड रोबोट्स के प्रसार की भी भविष्यवाणी की, जो लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को बदल सकते हैं.
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मंगल और भविष्य की सोच
मस्क ने अपने लंबे समय से चल रहे मंगल ग्रह के प्रति आकर्षण को दोहराया. उन्होंने कहा कि लोग अक्सर उनसे पूछते हैं कि क्या वे मंगल पर मरना चाहते हैं. मस्क ने हंसी में जवाब दिया कि 'हां' लेकिन प्रभाव पर नहीं.' उनके इस बयान ने दर्शकों में फिर से हल्की हल्की हंसी फैलाई.
गंभीर संदेश के बीच संतुलन
मस्क की बातचीत का मॉडरेशन ब्लैकरॉक के CEO लैरी फिंक ने किया, जिन्होंने मस्क की उपलब्धियों की सराहना की. बातचीत में तकनीक, ऊर्जा और अंतरिक्ष से जुड़ी गंभीर बातें भी शामिल रहीं, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि मस्क केवल मजाक ही नहीं, बल्कि गहरे विचार भी लाया है.
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