इजरायल और हमास के लड़ाकों के बीच भीषण जंग जारी है. इस बीच बेंजमिन नेतन्याहू ने गाजा-मिस्र सीमा पर कब्जा करने का इरादा जताया है. उन्होंने कहा कि ये लड़ाई अभी लंबी चलेगी. नेतन्याहू ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा कि फिलाडेल्फी कॉरिडोर पर हमारा कब्जा होना चाहिए. इसके पहले गाजा मे घुसने से पहले उन्होंने कहा कि हमारा फिलाडोल्फी पर कब्जे का कोई इरादा नहीं है.
बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि फिलाडोल्फी कॉरिडोर हमारे हाथों में होना चाहिए और यह बंद होना चाहिए. उन्होंने इस बारे में ज्यादा विस्तार से बात नहीं की. इजराइल ने इस क्षेत्र से 2005 में अपनी सेना वापस बुला ली थी. 1979 के युद्ध में इजराइल ने सिनाई प्रायद्वीप पर कब्जा किया था. यह रूट गाजा पट्टी और मिस्र के बीच बफर जोन का काम करता है. इजरायल का कहना है कि इस रास्ते का इस्तेमाल गाजा में हथियार सप्लाई के लिए किया जाता है.
यह एक 14 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर है. उत्तर में भू मध्य सागर है, जबकि पूरब और दक्षिण में इजरायाल. पश्चिम में मिस्र है. ये कर पतली पट्टी है जिसे फिलाडेल्फी कॉरिडोर के नाम से जाना जाता है. शांति समझौते के बाद इसे बफर जोन बना दिया गया था. यह एकमात्रा रास्ता है जो तेल अवीव को बाहरी दुनिया से जोड़ता है. इसके पहले यहा इजरायली सेना मौजूद रहते थे.
इजरायल का राफा क्रॉसिंग पर कब्जा करने के लिए इस कॉरिडोर पर नियंत्रण जरुरी है. इजरायली सेना राफा पर लगतार हमले कर रहे हैं. अरब वर्ल्ड को गाजा पट्टी से जोड़ने वाला एकमात्र सीमा क्रॉसिंग है. अगर यहां पर इजरायल कब्जा कर लेता है तो वह अपनी सेना मिस्र के सीमा पर तैनात कर सकता है. हमास की सैन्य ताकत बढ़ी है. उसके पास हथियार की सप्लाई हो रही है. इजरायल को आशंका है कि इसी रास्ते से हमास के लड़ाकों तक हथियार पहुंच रहे हैं.
इजरायल ने महीनों से गाजा पर हमला कर रहा है. अब तक वह वहां से हमास को मिटाने में नाकाम रहा है. लड़ाई लंबी चल रही है. अत्याधुनिक हथियारों से लैस इजरायली सेना के समाने हामस डटा हुआ है. इस जंग में गाजा शहर पूरी तरह से तबाह हो गया है. इजरायल की मिसाइलें ने अब तक महिलाओं और बच्चों समेत 21,000 से ज्यादा लोगों की जान ले ली है.