अभी और करना होगा इंतजार, अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में टली ट्रंप के टैरिफ पर सुनवाई

ट्रंप के इस फैसले के खिलाफ अमेरिका में कानूनी याचिकाएं दाखिल की गईं. इन याचिकाओं में सवाल उठाया गया कि क्या राष्ट्रपति को इतना व्यापक आर्थिक फैसला लेने का अधिकार है और क्या ये टैरिफ अमेरिकी कानून और संविधान के अनुरूप हैं.

@Maga_Trigger
Sagar Bhardwaj

अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट में पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए व्यापक टैरिफ को लेकर चल रही अहम कानूनी सुनवाई फिलहाल टल गई है. बुधवार (14 जनवरी) को सुप्रीम कोर्ट ने तीन अन्य मामलों में फैसले सुनाए, लेकिन ट्रंप के टैरिफ से जुड़े इस बहुचर्चित मामले पर कोई आदेश नहीं दिया गया.

अगली सुनवाई की तारीख का ऐलान नहीं

कोर्ट की ओर से यह भी साफ नहीं किया गया कि इस मामले पर अगली सुनवाई कब होगी या फैसला किस दिन सुनाया जाएगा. अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट की परंपरा के अनुसार, अदालत पहले से यह जानकारी सार्वजनिक नहीं करती कि किस दिन किन मामलों में फैसला आएगा. इसी वजह से इस केस को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है.

राष्ट्रपति अधिकारों की बड़ी परीक्षा

ट्रंप के टैरिफ से जुड़ा यह विवाद राष्ट्रपति की शक्तियों की एक बड़ी परीक्षा माना जा रहा है. यह मामला इस बात पर केंद्रित है कि क्या कोई अमेरिकी राष्ट्रपति राष्ट्रीय हित या आपात स्थिति का हवाला देकर अकेले ही इतने बड़े स्तर पर टैरिफ लगा सकता है, या फिर इसके लिए कांग्रेस की मंजूरी जरूरी होती है.

दूसरे कार्यकाल में लिया गया फैसला

जनवरी 2025 में दूसरी बार सत्ता संभालने के कुछ ही महीनों बाद डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका के कई बड़े व्यापारिक साझेदार देशों पर भारी टैरिफ लगा दिए थे. इस फैसले के बाद वैश्विक स्तर पर व्यापार तनाव बढ़ गया था और कई देशों ने इसका विरोध किया था.

कानूनी चुनौती क्यों आई

ट्रंप के इस फैसले के खिलाफ अमेरिका में कानूनी याचिकाएं दाखिल की गईं. इन याचिकाओं में सवाल उठाया गया कि क्या राष्ट्रपति को इतना व्यापक आर्थिक फैसला लेने का अधिकार है और क्या ये टैरिफ अमेरिकी कानून और संविधान के अनुरूप हैं.

ट्रंप ने जताई नाराज़गी

सुप्रीम कोर्ट के संभावित फैसले को लेकर ट्रंप पहले ही सख्त प्रतिक्रिया दे चुके हैं. उन्होंने चेतावनी दी थी कि अगर कोर्ट ने उनके टैरिफ को रद्द किया तो अमेरिका को भारी नुकसान होगा. सोशल मीडिया पर उन्होंने साफ शब्दों में लिखा था कि अगर टैरिफ खत्म किए गए तो अमेरिका की आर्थिक स्थिति खराब हो जाएगी.

दुनिया भर की नजरें फैसले पर

इस मामले का असर सिर्फ अमेरिका तक सीमित नहीं है. दुनिया भर के निवेशक, कारोबारी और सरकारें इस फैसले पर नजर बनाए हुए हैं. भारत समेत कई देशों की अर्थव्यवस्था पर भी ट्रंप के टैरिफ का असर पड़ा है.

अनिश्चितता बनी हुई

फिलहाल सुनवाई टलने से यह साफ हो गया है कि ट्रंप के टैरिफ पर कानूनी फैसला आने में और वक्त लग सकता है. जब तक सुप्रीम कोर्ट कोई स्पष्ट आदेश नहीं देता, तब तक यह विवाद अमेरिकी राजनीति और वैश्विक व्यापार में चर्चा का विषय बना रहेगा.