US Israel Iran War

'डरने की जरूरत नहीं है...', स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर राष्ट्रपति ट्रंप का बड़ा बयान

ट्रंप ने दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक Strait of Hormuz को लेकर भी टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि तेल कंपनियों को इस समुद्री रास्ते का इस्तेमाल करने से डरने की जरूरत नहीं है.

Anuj

नई दिल्ली: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ चल रहे संघर्ष को लेकर बड़ा बयान दिया है. ओहियो और केंटकी के दौरे पर रवाना होने से पहले उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि अमेरिकी सैन्य अभियान अभी जारी रहेगा और हालात के अनुसार इसे और तेज भी किया जा सकता है.

ट्रंप ने दावा किया कि हालिया हमलों में ईरान की सैन्य क्षमता को बड़ा नुकसान पहुंचा है. उनके मुताबिक, ईरान की नौसेना और वायुसेना को भारी क्षति हुई है. ईरान के कई प्रमुख लीडर भी अब नहीं रहे. यदि जरूरत पड़ी तो अमेरिका इससे भी कड़ी कार्रवाई कर सकता है.

'परिस्थितियों के आधार पर फैसला'

जब पत्रकारों ने उनसे पूछा कि सैन्य अभियान कब तक चलेगा और इसे समाप्त करने के लिए अमेरिका क्या कदम उठाएगा, तो ट्रंप ने कहा कि फिलहाल अमेरिका वही रणनीति जारी रखेगा जो अभी अपनाई जा रही है. उन्होंने कहा कि आने वाले समय में परिस्थितियों के आधार पर आगे का फैसला लिया जाएगा.

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर बड़ा बयान

इस दौरान ट्रंप ने दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक Strait of Hormuz को लेकर भी टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि तेल कंपनियों को इस समुद्री रास्ते का इस्तेमाल करने से डरने की जरूरत नहीं है. उनके अनुसार, अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा आपूर्ति को बाधित नहीं होने दिया जाएगा और समुद्री मार्ग सुरक्षित बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं.

राष्ट्रपति ट्रंप ने यह भी कहा कि उन्हें ईरान समर्थित समूहों की ओर से अमेरिका की धरती पर हमले की आशंका को लेकर ज्यादा चिंता नहीं है. उनके अनुसार, अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं और किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए तैयार हैं.

मिडिल ईस्ट में तनाव

मीडिया ने ट्रंप से उस रिपोर्ट के बारे में भी सवाल किया जिसमें दावा किया गया था कि अमेरिकी हमले के दौरान ईरान में एक स्कूल को निशाना बनाया गया. इस पर ट्रंप ने कहा कि उन्हें इस मामले की जानकारी नहीं है और वह इस रिपोर्ट की पुष्टि नहीं कर सकते. मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच अमेरिका और इजरायल की ओर से ईरान के सैन्य ठिकानों पर हमले किए जा रहे हैं. दूसरी ओर ईरान भी जवाबी कार्रवाई करते हुए मिसाइल और ड्रोन हमले कर रहा है. इस वजह से पूरे क्षेत्र में स्थिति लगातार तनावपूर्ण बनी हुई है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें इस संघर्ष पर टिकी हुई हैं.