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मिडिल-ईस्ट में टेंशन जारी, अमेरिका ने ईरान की रडार साइट्स पर किया हमला

अमेरिकी सेना ने बताया कि शुक्रवार को उसने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) की ओर बढ़ रहे ईरान के चार ड्रोन मार गिराए. इसके जवाब में, अमेरिकी सेना ने ईरान के कुछ तटीय रडार ठिकानों पर हमला किया.

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Shilpa Srivastava

नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट का तनाव रुकने का नाम ही नहीं ले रहा है. ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य की तरफ 4 ड्रोन भेजे थे, जिन्हें शुक्रवार को अमेरिकी सेना ने मार गिराया है. ईरान के इस हमले का जवाब देते हुए अमेरिकी सेना ने ईरान के कुछ तटीय रडार ठिकानों पर हमला किया. इससे यह संभावना जताई जा रही है कि सीजफायर टूट सकता है. 

अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बताया कि ये ड्रोन होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों के लिए खतरा थे. अमेरिका अब ईरानी बंदरगाहों की घेराबंदी कर रहा है, क्योंकि ईरान तेल और नैचुरल गैस के इस अहम रास्ते पर कंट्रोल बनाए हुए है. इस कदम से दुनियाभर में उर्जा की कीमतें बढ़ गई हैं.  सेना ने कहा कि रडार ठिकानों पर हमले का मकसद आने वाले हमलों को रोकना था. 

दोनों पक्षों के बीच लड़ाई का दौर जारी:

दोनों पक्षों के बीच लड़ाई का यह दौर चल रहा है. इस हफ्ते की शुरुआत में, ईरानी ड्रोन ने कुवैते के सबसे बड़े एयरपोर्ट के मेन यात्री टर्मिनल को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया था. इसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई, दर्जनों लोग घायल हो गए और हवाई अड्डे को कुछ समय के लिए बंद करना पड़ा.


अमेरिकी किसानों के लिए उर्वरक की कीमतें होंगी पहले जैसी:

बता दें कि ट्रंप ने शुक्रवार को कहा कि ईरान के साथ हालात काफी अच्छे लग रहे हैं. साथ ही यह भी कहा कि हम इससे बहुत जल्दी बाहर निकलेंगे और स्थिति भी मजबूत होगी. उन्होंने कहा कि अमेरिकी किसानों के लिए उर्वरक की कीमतें जल्द ही कुछ महीने पहले के स्तर पर वापस आ जाएंगी. ट्रंप इस संघर्ष में कुछ हद तक फंसे हुए दिख रहे हैं, जो तनावपूर्ण गतिरोध की स्थिति में बदल गया है. 

सीजफायर समझौते का दौर जारी:

बता दें कि अमेरिकी और ईरानी नेगोशिएटर पिछले हफ्ते संघर्ष-विराम को 60 दिनों तक बढ़ाने और ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर नई बातचीत शुरू करने के लिए एक समझौते पर पहुंचे थे. हालांकि ट्रंप इसमें कुछ बदलाव चाहते हैं और ईरान ने अभी तक पब्लिक तौर पर इसे लेकर कोई सहमति नहीं दी है. ट्रंप का कहना है कि यह काम मुश्किल है, क्योंकि ईरानी लोग स्वाभिमानी और स्वतंत्र हैं. 

इस बीच, अमेरिका की मध्यस्थता से इजराइल और लेबनान के बीच हुआ नया सीजफायर समझौता भी खतरे में बड़ गया है. ईरान के समर्थन वाले हिज्बुल्लाह ने इस समझौते को ठुकरा दिया है. दोनों पक्षों के बीच लड़ाई फिर से शुरू हो गई है. शुक्रवार को इजराइली सेना ने दक्षिणी लेबनान पर हमला किया, जिसमें नौ लोगों की मौत हो गई और कई गांवों के लोगों को वहां से चले जाने की चेतावनी दी गई.