गाजा में भरभराकर गिरी 6 मंजिला इमारत, बच्चों समेत 20 लोगों की मौत; मलबे में 100 लोगों के दबे होने की आशंका

गाजा में युद्ध के दौरान क्षतिग्रस्त छह मंजिला आवासीय इमारत अचानक ढह गई. हादसे में बच्चों और महिलाओं समेत कम से कम 20 लोगों की मौत हुई है, जबकि दर्जनों लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है.

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Kuldeep Sharma

गाजा में एक दर्दनाक हादसे ने युद्ध की तबाही की तस्वीर और गंभीर कर दी है. क्षतिग्रस्त छह मंजिला आवासीय इमारत के अचानक गिरने से कम से कम 20 लोगों की जान चली गई. मृतकों में पांच बच्चे भी शामिल हैं. बचावकर्मी अब मलबे में फंसे लोगों की तलाश कर रहे हैं.

मलबे में 100 लोगों के दबे होने की आशंका

स्थानीय लोगों के मुताबिक, जिस इमारत के गिरने की घटना हुई, उसमें हर मंजिल पर चार आवासीय अपार्टमेंट थे. यहां करीब 10 परिवार रह रहे थे. इमारत पहले से ही युद्ध के दौरान हुए नुकसान से कमजोर हो चुकी थी. अचानक ढहने के बाद बड़ी संख्या में लोग मलबे के नीचे फंस गए. गाजा नागरिक सुरक्षा के अनुसार, करीब 100 लोगों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है. राहतकर्मी लगातार मलबा हटाकर शवों और जीवित लोगों को बाहर निकालने की कोशिश कर रहे हैं.

बच्चों समेत कम से कम 20 लोगों की मौत

फिलिस्तीनी नागरिक सुरक्षा एजेंसी ने बताया कि इस हादसे में अब तक कम से कम 20 लोगों की मौत हुई है. मृतकों में पांच बच्चे भी शामिल हैं. इसके अलावा कम से कम 14 लोग घायल बताए गए हैं, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया है. नागरिक सुरक्षा के प्रवक्ता महमूद बसल ने कहा कि बचाव दल अभी भी मलबे में दबे लोगों और लापता लोगों की तलाश कर रहे हैं. उनका कहना है कि मलबे के नीचे कई नागरिकों के फंसे होने की आशंका है.


बचाव अभियान के सामने उपकरणों की कमी

हादसे के बाद बचाव अभियान चलाना राहतकर्मियों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है. नागरिक रक्षा सेवा के सदस्यों के अनुसार, गाजा में उपकरणों और भारी मशीनरी की आवाजाही पर लगाए गए प्रतिबंधों के कारण उन्हें शुरुआत में बिना पर्याप्त संसाधनों के ही मलबे में तलाश शुरू करनी पड़ी. ऐसे में बचावकर्मी हाथों से मलबा हटाकर अंदर फंसे लोगों तक पहुंचने की कोशिश करते रहे. भारी मलबे और सीमित संसाधनों के कारण अभियान की गति भी प्रभावित हो रही है.

70 से 100 लोगों के फंसे होने की आशंका

संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम यानी UNDP के गाजा कार्यालय के प्रमुख अलेसांद्रो म्राकिच ने भी स्थिति को बेहद गंभीर बताया है. उनके मुताबिक, मलबे के नीचे 70 से 100 लोगों के फंसे होने की आशंका है. उन्होंने कहा कि बचाव कार्य के लिए जरूरी मशीनरी और उपकरण उपलब्ध नहीं हैं, इसलिए लोग अपने हाथों से मलबा हटाने को मजबूर हैं. इस घटना ने गाजा में युद्ध से क्षतिग्रस्त इमारतों की सुरक्षा और नागरिकों के लिए मौजूद मानवीय संकट को एक बार फिर सामने ला दिया है.