अमेरिका में बना हेलिकॉप्टर, खराब एयर सेफ्टी, क्या साजिश का शिकार हो गए इब्राहिम रईसी?

Ibrahim Raisi Accident: ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी की मौत के मामले में अब साजिश की बू भी आने लगी है. हालांकि, अभी तक इस हादसे को लेकर साजिश का कोई सबूत नहीं मिला है.

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ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी की मौत हो गई है. हेलिकॉप्टर हादसे का शिकार हुए इब्राहिम रईसी के साथ उनके मंत्री और कई अन्य लोग भी मारे गए हैं. रविवार को क्रैश हुए इस हेलिकॉप्टर को आज ढूंढा जा सका. अब इस मामले में साजिश की आशंका भी जताई जाने लगी है. जिस तरह से इब्राहिम रईसी का हेलिकॉप्टर क्रैश हुआ, हेलिकॉप्टर के मॉडल और कई अन्य चीजों को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं. हालांकि, अभी तक किसी भी तरह की साजिश के सबूत नहीं मिले हैं. फिलहाल, सिर्फ यही पता चला है कि जहां उनका हेलिकॉप्टर क्रैश हुआ वहां पर मौसम बहुत खराब था और इसी के चलते यह हादसा हुआ.

रिपोर्ट के मुताबिक, इब्राहिम रईसी बेल 212 हेलिकॉप्टर में सवार थे. अमेरिका में बना यह हेलिकॉप्टर अब रईसी की मौत का कारण बना है. बताया जा रहा है कि साल 1979 की क्रांति के बाद यह विमान ईरान को नहीं बेचा जा सका था. बार-बार लगते प्रतिबंधों के चलते ईरान में ही इस बात को लेकर जमकर बहस हो रही थी कि अमेरिका से विमान खरीदे जाएं या फिर स्वदेशी विमानों पर ही भरोसा किया जाए.

इब्राहिम रईसी हुए साजिश का शिकार?

दरअसल, इब्राहिम रईसी अजरबैजान में बांधों का उद्गाटन करने गए थे. वह अजरबैजान की राजधानी तबरेज की ओर जा ही रहे थे कि उनका हेलिकॉप्टर क्रैश हो गया. जिस जगह हेलिकॉप्टर क्रैश हुआ वहां मौसम काफी खराब था. सवाल इस बात पर उठ रहे हैं कि अगर मौसम खराब होने की वजह से ही हादसा हुआ तो उनके काफिले के बाकी दो हेलिकॉप्टर सही सलामत कैसे पहुंच गए? बता दें कि एयर ट्रांसपोर्ट सेफ्टी के मामले में ईरान का ट्रैक रिकॉर्ड काफी खराब रहा है.

अब इब्राहिम रईसी की मौत के बाद ईरान में 50 दिन के भीतर राष्ट्रपति चुनाव कराए जाएंगे. तब तक उप राष्ट्रपति मोहम्मद मुखबर सत्ता संभालेंगे. इससे पहले 2021 में ईरान के राष्ट्रपति के चुनाव हुए थे और पूरे देश में सिर्फ 41 पर्सेंट वोटिंग हुई थी.

बता दें कि पहले भी ईरान के रक्षा और ट्रांसपोर्ट मंत्री, ग्राउंड और एयर आर्म्ड फोर्सेज के कमांडर हेलिकॉप्टर क्रैश में मारे जा चुके हैं. इसी के चलते जब ईरान में रिफॉर्मर्स की सरकार बनी तो सेना को आधुनिक बनाने का फैसला लिया गया था.