US-Iran Deal: अमेरिका-ईरान समझौते का दिखा असर, 2 महीने बाद होर्मुज से निकला करोड़ों बैरल तेल

अमेरिका और ईरान के बीच हुए शांति समझौते के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य से ईरानी तेल का निर्यात फिर शुरू हो गया है. करीब दो महीने की नाकाबंदी समाप्त होने के बाद कई तेल टैंकर इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से बाहर निकलते दिखाई दिए हैं.

Gemini
Reepu Kumari

मध्य पूर्व में लंबे समय से जारी तनाव के बीच एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है. अमेरिका और ईरान के बीच हुए शांति समझौते के बाद दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में शामिल होर्मुज जलडमरूमध्य पर गतिविधियां फिर तेज हो गई हैं. इससे वैश्विक ऊर्जा बाजार को नई उम्मीद मिली है.

करीब दो महीने तक चली नाकाबंदी के बाद अब ईरानी तेल से लदे जहाजों की आवाजाही दोबारा शुरू हो गई है. इस घटनाक्रम को अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है. समझौते के बाद तेल बाजार में भी तत्काल प्रभाव देखने को मिला है.

समुद्री मार्ग से फिर शुरू हुआ तेल निर्यात

रिपोर्ट के अनुसार, नेशनल ईरानी टैंकर कंपनी के दो वीएलसीसी सुपरटैंकर बड़ी मात्रा में कच्चा तेल लेकर रवाना हुए हैं. इन जहाजों में कुल 3.8 मिलियन बैरल ईरानी तेल लदा हुआ बताया गया है. रिपोर्ट में कहा गया है कि ये टैंकर उस क्षेत्र से बाहर निकल चुके हैं जहां नाकाबंदी लागू थी. इससे संकेत मिला है कि समुद्री व्यापार सामान्य स्थिति की ओर लौट रहा है.


तीसरे टैंकर की भी हुई पुष्टि

रिपोर्ट के मुताबिक, दो बड़े टैंकरों के बाद एक स्वेजमैक्स टैंकर भी लगभग 1 मिलियन बैरल तेल लेकर रवाना हुआ. उपलब्ध एआईएस डेटा और सैटेलाइट तस्वीरों के आधार पर इस गतिविधि की पुष्टि की गई है. पिछले दो महीनों में यह पहला मौका माना जा रहा है जब इतने बड़े स्तर पर ईरानी तेल का निर्यात दर्ज किया गया है.

पाकिस्तान के समुद्री क्षेत्र के पास दिखी हलचल

रिपोर्ट में साझा किए गए नक्शे के अनुसार कुछ जहाज अरब सागर और ओमान की खाड़ी के आसपास देखे गए हैं. इनमें एक टैंकर पाकिस्तान के विशेष आर्थिक क्षेत्र के पास से आगे बढ़ता नजर आया. बताया गया है कि यह जहाज पिछले कई सप्ताह से प्रतीक्षा की स्थिति में था और अब क्षेत्र में बढ़ती गतिविधियों के बीच आगे बढ़ रहा है.

तेल बाजार में आई नरमी

अमेरिका-ईरान समझौते का असर कच्चे तेल की कीमतों पर भी दिखाई दिया है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड का भाव 79.02 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया, जबकि डब्ल्यूटीआई क्रूड 76.15 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता देखा गया. इसके अलावा मर्बन क्रूड की कीमतों में भी गिरावट दर्ज की गई. तेल की कीमतों में नरमी को वैश्विक महंगाई के दबाव में कमी के संकेत के रूप में देखा जा रहा है. जानकारी के लिए आपको बता दें कि फ्रांस के एवियन-लेस-बेन्स में चल रहे G7 शिखर सम्मेलन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐलान किया था कि अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौता हो गया है.