'क्या होर्मुज से बिना टोल दिये निकल सकेंगे अंतरराष्ट्रीय जहाज', जानें क्या बोले अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस?
अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य लंबे समय तक बिना किसी टोल के खुला रहना चाहिए. अमेरिका और ईरान अब परमाणु कार्यक्रम, प्रतिबंधों और आर्थिक राहत पर अहम वार्ताओं की तैयारी कर रहे हैं.
नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच महीनों से जारी तनाव को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है. अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने संकेत दिया है कि दोनों देशों के बीच हुए प्रारंभिक समझौते के तहत होर्मुज जलडमरूमध्य को बिना किसी शुल्क के अंतरराष्ट्रीय जहाजों के लिए खुला रखा जाएगा. यह समझौता न केवल क्षेत्रीय स्थिरता के लिए अहम माना जा रहा है बल्कि इससे परमाणु कार्यक्रम और आर्थिक प्रतिबंधों को लेकर होने वाली आगामी वार्ताओं का रास्ता भी साफ होता दिखाई दे रहा है.
होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अमेरिकी रुख स्पष्ट
जेडी वेंस ने एक टेलीविजन इंटरव्यू में कहा कि अमेरिका चाहता है कि होर्मुज जलडमरूमध्य भविष्य में भी सभी देशों के लिए बिना टोल के खुला रहे. उनके अनुसार इस मुद्दे पर तकनीकी स्तर की वार्ताओं में विस्तृत चर्चा की जाएगी. हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक प्रारंभिक समझौते की घोषणा की थी जिसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच करीब चार महीने से चल रहे संघर्ष को समाप्त करना और व्यापक बातचीत की शुरुआत करना है. इस समझौते के तहत परमाणु गतिविधियों, आर्थिक प्रतिबंधों और युद्ध के बाद पुनर्निर्माण जैसे विषयों पर 60 दिनों तक बातचीत प्रस्तावित है.
परमाणु वार्ता में रियायतों पर रहेगा फोकस
वेंस ने यह भी संकेत दिया कि आने वाले दौर की बातचीत में यह देखा जाएगा कि ईरान किन मुद्दों पर समझौते के लिए तैयार है. उन्होंने उम्मीद जताई कि इस सप्ताह प्रस्तावित हस्ताक्षर समारोह में ईरान के वरिष्ठ नेता, विदेश मंत्री और अन्य शीर्ष अधिकारी शामिल हो सकते हैं. दूसरी ओर, ईरानी मीडिया में ऐसी खबरें सामने आई हैं कि तेहरान जलडमरूमध्य के उपयोग से जुड़ी कुछ सेवा शुल्क व्यवस्था पर विचार कर सकता है. हालांकि, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि सीधे टोल लगाना अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ होगा.
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प्रतिबंधों में राहत और आर्थिक पुनर्निर्माण पर नजर
समझौते के मसौदे में ईरान की जमी हुई संपत्तियों में से 24 अरब डॉलर जारी करने का प्रस्ताव भी शामिल बताया जा रहा है. रिपोर्टों के अनुसार, इस राशि का एक हिस्सा औपचारिक वार्ता शुरू होने से पहले उपलब्ध कराया जा सकता है. इसके अलावा ईरानी तेल और पेट्रोकेमिकल निर्यात पर लगे प्रतिबंधों में ढील, समुद्री नाकेबंदी समाप्त करने और सैन्य गतिविधियों को रोकने जैसे मुद्दे भी चर्चा का हिस्सा हैं. ईरान का कहना है कि अमेरिका को पहले कुछ प्रमुख प्रतिबद्धताओं को पूरा करना होगा, जिसके बाद वह अपने परमाणु कार्यक्रम और आर्थिक पुनर्निर्माण को लेकर विस्तृत बातचीत शुरू करने के लिए तैयार होगा.