नई दिल्ली: बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर दुनिया भर में बढ़ती चिंताओं के बीच ब्रिटेन ने एक बड़ा फैसला लिया है. प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने घोषणा की है कि 16 साल से कम उम्र के बच्चों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स तक पहुंच नहीं दी जाएगी. इस फैसले के साथ ब्रिटेन ऑस्ट्रेलिया, इंडोनेशिया और मलेशिया के बाद ऐसा कदम उठाने वाला चौथा देश बन गया है. सरकार का मानना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म बच्चों की दिनचर्या, मानसिक स्वास्थ्य और सामाजिक जीवन पर नकारात्मक असर डाल रहे हैं जिसे अब नजरअंदाज नहीं किया जा सकता.
प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा और खुशहाल बचपन किसी भी सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी होनी चाहिए. उन्होंने स्पष्ट किया कि तकनीकी कंपनियों या आलोचकों के दबाव के बावजूद सरकार अपने फैसले से पीछे नहीं हटेगी. स्टारमर के मुताबिक, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म बच्चों का काफी समय अपनी ओर खींच लेते हैं जिससे उनकी पढ़ाई, किताबें पढ़ने की आदत, दोस्तों के साथ समय बिताने और पर्याप्त नींद जैसी जरूरी गतिविधियां प्रभावित होती हैं. उनका मानना है कि बच्चों के स्वस्थ विकास के लिए डिजिटल दुनिया पर कुछ सीमाएं लगाना आवश्यक हो गया है.
ब्रिटिश सरकार का कहना है कि सोशल मीडिया का अत्यधिक उपयोग बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है. स्टारमर ने इस बात पर भी चिंता जताई कि कई प्लेटफॉर्म ऐसे ढंग से बनाए गए हैं जो उपयोगकर्ताओं को लंबे समय तक जोड़े रखते हैं. इसके अलावा ऑनलाइन बुलिंग, अपमानजनक संदेश और डिजिटल उत्पीड़न जैसी समस्याएं भी तेजी से बढ़ रही हैं. सरकार का मानना है कि कम उम्र के बच्चों को इन खतरों से बचाने के लिए कड़े कदम उठाना जरूरी है. प्रधानमंत्री ने एक अभिभावक के तौर पर भी कहा कि हर माता-पिता अपने बच्चों को सुरक्षित और खुश देखना चाहता है.
सरकार केवल सोशल मीडिया तक सीमित नहीं रहना चाहती. स्टारमर ने संकेत दिया कि आने वाले समय में गेमिंग प्लेटफॉर्म, लाइव-स्ट्रीमिंग सेवाओं और ऐसे डिजिटल मंचों पर भी सख्त नियम लागू किए जा सकते हैं जहां बच्चों से अजनबी लोग संपर्क कर सकते हैं. सरकार का लक्ष्य तकनीकी प्रगति को बनाए रखते हुए युवाओं के लिए सुरक्षित ऑनलाइन माहौल तैयार करना है. ब्रिटेन की योजना है कि आवश्यक नियमों को क्रिसमस से पहले मंजूरी दिलाई जाए और यदि प्रक्रिया तय समय पर पूरी होती है तो यह प्रतिबंध अगले वर्ष की शुरुआत से लागू किया जा सकता है.