होर्मुज खुलेगा, प्रतिबंधों में मिलेगी राहत; US-ईरान डील के 14 पॉइंट्स तय, फिर भी नहीं सुलझे सभी विवाद!

अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा तनाव अब लगभग समाप्ति की ओर है. दोनों देशों के बीच 14 प्रमुख प्वाइंट्स पर सहमति बनी है, लेकिन अभी भी कई सवाल अनसुलझे हैं.

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Shanu Sharma

अमेरिका और ईरान के बीच करीब चार महीने से जारी सैन्य तनाव अब समाप्ति की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है. दोनों देशों के बीच एक महत्वपूर्ण प्रारंभिक समझौते पर सहमति बनने की जानकारी सामने आई है.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इस संबंध में सार्वजनिक रूप से पुष्टि की है. यदि यह समझौता तय समय पर लागू होता है, तो मध्य पूर्व में लंबे समय से जारी अस्थिरता को कम करने में बड़ी सफलता मिल सकती है.

ट्रंप ने सोशल मीडिया पर शेयर किया वीडियो

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच समझौता लगभग पूरा हो चुका है. इसके तहत रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को अंतरराष्ट्रीय जहाजों के लिए फिर से खोला जाएगा और ईरानी बंदरगाहों पर लागू अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी को हटाया जाएगा.


पाकिस्तान और कतर ने निभाई मध्यस्थ की भूमिका

इस समझौते को संभव बनाने में पाकिस्तान और कतर की महत्वपूर्ण भूमिका बताई जा रही है. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के अनुसार, दोनों पक्षों ने सभी मोर्चों पर सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति व्यक्त की है. इसमें लेबनान से जुड़ा मोर्चा भी शामिल है, जिस पर लंबे समय से मतभेद बने हुए थे.

जानकारी के अनुसार, समझौते पर औपचारिक हस्ताक्षर 19 जून को स्विट्जरलैंड में किए जाएंगे. उससे पहले दोनों देशों के अधिकारी तकनीकी और प्रशासनिक स्तर पर बातचीत कर समझौते के विभिन्न पहलुओं को अंतिम रूप देंगे.

समझौते के प्रमुख बिंदु

  • अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा संघर्ष तत्काल प्रभाव से समाप्त किया जाएगा. इसमें लेबनान से जुड़ा मोर्चा भी शामिल होगा.
  • अमेरिका भविष्य में ईरान के घरेलू मामलों में दखल नहीं देने का वादा करेगा.
  • अमेरिका ईरान पर लगाई गई नौसैनिक नाकेबंदी हटाएगा और 30 दिनों के भीतर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ को अंतरराष्ट्रीय जहाजों के लिए खोल दिया जाएगा.
  • अमेरिकी सेना ईरान के आसपास के क्षेत्रों से अपनी तैनाती कम करेगी या वापस हटेगी.
  • ईरानी तेल निर्यात पर लगे प्रतिबंधों में ढील दी जाएगी, जिससे ईरान को तेल बिक्री से होने वाली आय दोबारा प्राप्त हो सकेगी.
  • अमेरिका और उसके सहयोगी देश ईरान के पुनर्निर्माण के लिए 300 अरब डॉलर तक की आर्थिक मदद उपलब्ध कराएंगे.
  • दोनों देशों के बीच अगले 60 दिनों तक विस्तृत बातचीत होगी, जिसमें परमाणु कार्यक्रम और प्रतिबंधों जैसे मुद्दों पर चर्चा की जाएगी.
  • ईरान परमाणु अप्रसार संधि (NPT) के तहत यह प्रतिबद्धता देगा कि वह परमाणु हथियार विकसित नहीं करेगा.
  • वार्ता अवधि के दौरान अमेरिका ईरान पर कोई नया आर्थिक या राजनीतिक प्रतिबंध नहीं लगाएगा.
  • बातचीत के दौरान अमेरिका ईरान के खिलाफ किसी भी नई सैन्य कार्रवाई से परहेज करेगा.
  • ईरान की लगभग 24 अरब डॉलर की जमी हुई विदेशी संपत्तियां चरणबद्ध तरीके से वापस की जाएंगी.
  • समझौते के पालन और उल्लंघन की निगरानी के लिए एक विशेष व्यवस्था बनाई जाएगी.
  • अंतिम शांति समझौते को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की स्वीकृति दिलाने की कोशिश की जाएगी.
  • ईरान के मिसाइल कार्यक्रम और उसके समर्थित प्रॉक्सी संगठनों से जुड़े मुद्दों को इस दौर की बातचीत का हिस्सा नहीं बनाया जाएगा.