US Israel Iran War

अब जमीन पर ईरान की घेराबंदी, दुनिया की सबसे खतरनाक फोर्स को मिडिल ईस्ट भेजने का आदेश; अमेरिका ने बनाया बड़ा प्लान

मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है. अमेरिकी सेना की भारी तैनाती और ईरान की जवाबी कार्रवाई ने हालात को संभावित बड़े युद्ध की ओर धकेल दिया है.

AI
Anuj

नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट में हालात तेजी से बदल रहे हैं और तनाव अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है. टीवी और सोशल मीडिया पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बातचीत का दावा कर रहे हैं, लेकिन जमीन पर तस्वीर बिल्कुल अलग नजर आ रही है.

CENTCOM के अनुसार, अबतक ईरान के हजारों ठिकानों को निशाना बनाया जा चुका है. खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य गतिविधियां तेज हो गई हैं, जिससे यह संकेत मिल रहा है कि संघर्ष किसी भी समय बड़े युद्ध का रूप ले सकता है.

तनाव का केंद्र बना Strait of Hormuz

Strait of Hormuz इस पूरे तनाव का केंद्र बन चुका है. दुनिया के 20 प्रतिशत तेल व्यापार का रास्ता रोकने की ईरान की कोशिशों के जवाब में अमेरिका ने अब अपनी थल सेना और नौसेना की सबसे घातक टुकड़ियों को जमीन पर उतार दिया है. ईरान की ओर से दबाव बढ़ाने की कोशिशों के जवाब में अमेरिका ने नौसेना और थल सेना की ताकत झोंक दी है. पेंटागन के संकेत साफ हैं कि जरूरत पड़ी तो जमीनी कार्रवाई भी की जा सकती है.

खाड़ी की ओर बढ़ रही अमेरिकी सेना

खाड़ी की ओर बढ़ रही अमेरिकी ताकत में ट्रिपोली एम्फीबियस रेडी ग्रुप को सबसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है. इसमें युद्धपोत USS ट्रिपोली और 31वीं मरीन एक्सपेडिशनरी यूनिट शामिल है. जानकारी के अनुसार, यह जंगी बेड़ा इसी महाने की 23 तारीख तक डिएगो गार्सिया पहुंच चुका था. मार्च के आखिर या अप्रैल की शुरुआत तक इस जंगी बेड़ा के क्षेत्र में तैनात होने की संभावना है.

2,000 से ज्यादा सैनिकों की तैनाती

इसके अलावा सुपर पावर अमेरिका ने 82nd Airborne Division के 2,000 से ज्यादा सैनिकों को तैनाती का आदेश दिया है. यह यूनिट कुछ ही घंटों में किसी भी इलाके में उतरने में सक्षम है. इनका मुख्य लक्ष्य रणनीतिक ठिकानों पर कब्जा कर आगे आने वाली सेना के लिए रास्ता साफ करना होता है. इससे संकेत मिलते हैं कि अमेरिका हर विकल्प खुला रखे हुए है.

आर या पार

खाड़ी में पहले से मौजूद USS Abraham Lincoln के साथ अब हजारों नए सैनिक जुड़ रहे हैं. करीब 7,000 अतिरिक्त जवान इस मोर्चे पर पहुंच रहे हैं. दूसरी ओर ईरान भी लगातार ड्रोन और मिसाइल हमले कर रहा है. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या यह केवल दबाव बनाने की रणनीति है या फिर किसी बड़े जमीनी युद्ध की शुरुआत होने वाली है.