अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ा तनाव, ईरान ने कुवैत-बहरीन में अमेरिकी बेस पर किया मिसाइल हमला
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अब खुले युद्ध की तरफ बढ़ता जा रहा है. लगातार दूसरे दिन अमेरिका के हमलों के जवाब में ईरान ने पलटवार किया है.
नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अब खुले युद्ध की तरफ बढ़ता जा रहा है. लगातार दूसरे दिन अमेरिका के हमलों के जवाब में ईरान ने पलटवार किया है. ईरान का दावा है कि उसने कुवैत और बहरीन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया है. ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि उसकी नौसेना और एयर फोर्स ने मिलकर कुवैत के अरिफजान और अली अल सलेम एयर बेस तथा बहरीन के जुफैर और शेख ईसा वाले अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया.
ईरान ने इसे अमेरिका की आक्रामक कार्रवाई का जवाब बताया है. ईरान का आरोप है कि अमेरिका ने दक्षिणी ईरान के तटीय इलाकों पर हमला करके दोनों देशों के बीच हुए समझौते को तोड़ा है. ईरान ने साफ चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ने हमले जारी रखे तो पूरे पश्चिम एशिया (मध्य पूर्व) में मौजूद अन्य अमेरिकी ठिकानों पर भी हमला किया जाएगा.
अमेरिका ने ईरान पर कहां-कहां हमले किए?
अमेरिका ने लगातार दूसरे दिन ईरान के बंदर अब्बास, चाबहार, जास्क और अबू मूसा द्वीप जैसे महत्वपूर्ण ठिकानों पर हमले किए. अमेरिका का कहना है कि यह कार्रवाई होर्मुज स्ट्रेट में व्यापारिक जहाजों पर हुए हमलों के जवाब में की गई है.
Also Read
खाड़ी इलाके में हाई अलर्ट घोषित:
इन हमलों के बाद पूरे खाड़ी इलाके में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है. बहरीन, कुवैत और कतर में सुरक्षा बल पूरी तरह सतर्क हो गए हैं. बहरीन और कतर में एयर रेड अलर्ट जारी किया गया. लोगों को घर के अंदर रहने और खिड़कियों से दूर रहने की सलाह दी गई. कुवैत ने दावा किया कि उसकी एयर डिफेंस सिस्टम ने कई ड्रोन और मिसाइलों को रास्ते में ही गिरा दिया.
ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को “अपराधी और हत्यारा” बताया है. ईरानी विदेश मंत्रालय ने कहा कि अमेरिका ने एकतरफा हमला करके समझौते का उल्लंघन किया है. ईरान अपनी सुरक्षा और हितों की रक्षा के लिए हर कदम उठाएगा.