ईरान के 5 ऑयल टैंकर तबाह, अमेरिका ने किया बड़ा हमला; फिर हुआ पलटवार

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बेहद गंभीर हो गया है. अमेरिकी सेना ने दावा किया है कि उसने ईरान से जुड़े 5 क्रूड ऑयल टैंकर्स को नष्ट कर दिया है. यह कार्रवाई 8 सितंबर को की गई.

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Shilpa Srivastava

नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बेहद गंभीर हो गया है. अमेरिकी सेना ने दावा किया है कि उसने ईरान से जुड़े 5 क्रूड ऑयल टैंकर्स को नष्ट कर दिया है. यह कार्रवाई 8 सितंबर को की गई. अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, यह हमला ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) द्वारा अमेरिकी नौसेना के एक युद्धपोत को बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाने के बाद किया गया.

अमेरिका के मुताबिक, पिछले दो दिनों में अमेरिकी युद्धपोत पर दो बार मिसाइल हमला करने की कोशिश की गई. हालांकि, अमेरिकी जहाज दोनों हमलों से बच गया और किसी भी अमेरिकी सैनिक को चोट नहीं लगी. 

पांच जवाबों के खिलाफ कार्रवाई:

CENTCOM ने बताया कि अमेरिकी सेना ने ईरान के राज्य से जुड़े समुद्री बेड़े के पांच जहाजों के खिलाफ कार्रवाई की. इनमें चार कच्चे तेल के टैंकर M/T काविज, M/T चारमिनार, M/T हॉरिजन 1 और M/T रीएसको शामिल थे. अमेरिकी सेना के अनुसार, इन चार जहाजों को गल्फ ऑफ ओमान में नष्ट किया गया, जबकि पांचवें जहाज M/T डेरया को खार्ग आईलैंड के पास निशाना बनाया गया. अमेरिका का कहना है कि हमला करने से पहले सभी पांच जहाजों के क्रू को जहाज खाली करने के निर्देश दिए गए थे.


अमेरिका ने क्यों किया हमला?

CENTCOM का आरोप है कि ईरान इन तेल टैंकरों का इस्तेमाल एक बड़े शैडो नेटवर्क के तहत करता है. अमेरिका के मुताबिक, इस नेटवर्क से मिलने वाला पैसा ईरान के IRGC और उसके क्षेत्रीय सहयोगी समूहों तक पहुंचता है. अमेरिकी सेना ने यह भी दावा किया कि इन जहाजों के पास अमेरिकी हमले से बचने का कोई प्रभावी तरीका नहीं था.

3 दिन में दूसरी बड़ी कार्रवाई:

यह ईरानी समुद्री ढांचे के खिलाफ अमेरिका की कुछ ही दिनों में दूसरी बड़ी कार्रवाई बताई गई है. इससे पहले 5 सितंबर को CENTCOM ने दावा किया था कि उसने तीन और ईरानी कच्चे तेल के टैंकरों को नष्ट किया. अमेरिका के अनुसार, उस समय IRGC ने एक अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर और गाइडेड-मिसाइल डिस्ट्रॉयर को निशाना बनाने की कोशिश की थी.

ईरान ने भी किया पलटवार:

अमेरिकी हमले के बाद ईरान की ओर से भी जवाबी कार्रवाई की खबर सामने आई. ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, IRGC ने Jordan में स्थित अमेरिकी अल-अजराक एयर बेस और दो अमेरिकी नौसेना के युद्धपोतों को बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाया. ईरान ने इस ऑपरेशन को या हैदर करार नाम दिया. IRGC के मुताबिक, यह कार्रवाई ईरानी तेल टैंकरों पर अमेरिकी हमलों का बदला लेने के लिए की गई. 

ईरान ने दावा किया कि मिसाइल हमलों में एयरबेस के उन हिस्सों को निशाना बनाया गया जहां F-35, F-16 और F-15 लड़ाकू विमान मौजूद थे. हालांकि, इन दावों से हुए नुकसान की स्वतंत्र पुष्टि इस जानकारी में नहीं दी गई है.