पायलट को बचाने के लिए US ने खुद के ही लड़ाकू विमान किए नष्ट, ईरान ने मलबे की तस्वीर शेयर कर कसा तंज

ईरान में फंसे अमेरिकी पायलट को बचाने के लिए चलाए गए मिशन में अमेरिका को अपने ही दो विमान नष्ट करने पड़े. पायलट को सुरक्षित बचा लिया गया.

@Be_honest07 X account
Km Jaya

नई दिल्ली: संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच एक बड़ा सैन्य घटनाक्रम सामने आया है. एक अमेरिकी पायलट को बचाने के लिए चलाए गए विशेष ऑपरेशन में अमेरिकी सेना को अपने ही दो लड़ाकू विमान नष्ट करने पड़े.

रिपोर्ट के अनुसार यह ऑपरेशन बेहद खतरनाक परिस्थितियों में अंजाम दिया गया. डोनाल्ड ट्रंप ने इस मिशन को सफल बताया और कहा कि इसमें किसी की जान नहीं गई. हालांकि मिशन के दौरान अमेरिकी सेना को अपने दो MC-130J ट्रांसपोर्ट विमान उड़ाने पड़े ताकि वे ईरान के हाथ न लग सकें.

अमेरिकी अधिकारी ने क्या बताया?

एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि ये दोनों विमान ऑपरेशन के दौरान किसी कारणवश फंस गए थे. हालांकि यह स्पष्ट नहीं किया गया कि वे कैसे फंसे. ऐसे में सेना ने फैसला लिया कि उन्हें नष्ट कर दिया जाए ताकि दुश्मन उनके संवेदनशील उपकरणों का इस्तेमाल न कर सके.

यह मिशन उस समय शुरू हुआ जब एक अमेरिकी वायु सेना का फाइटर जेट ईरान में मार गिराया गया. इस जेट में सवार दो पायलटों में से एक को पहले ही बचा लिया गया था, जबकि दूसरे को निकालने के लिए यह ऑपरेशन चलाया गया.

ट्रंप ने क्या किया दावा?

ट्रंप ने दावा किया कि यह बचाव अभियान इतिहास में पहली बार हुआ जब दुश्मन के इलाके के अंदर दो पायलटों को अलग-अलग समय पर सफलतापूर्वक बचाया गया. उन्होंने सोशल मीडिया पर 'We got him!' लिखकर इस सफलता का ऐलान किया.

ईरान ने क्या कसा तंज?

इस बीच ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकिर गालिबाफ ने सोशल मीडिया पर नष्ट हुए अमेरिकी विमानों की तस्वीर साझा की और अमेरिका पर तंज कसा. उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका को ऐसे तीन और ‘जीत’ मिल जाएं, तो वह पूरी तरह बर्बाद हो जाएगा.

रिपोर्ट्स के अनुसार इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने दावा किया है कि इस ऑपरेशन के दौरान कई अमेरिकी विमान नष्ट किए गए. इनमें एक C-130 ट्रांसपोर्ट विमान और दो ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर शामिल बताए जा रहे हैं.

अब तक कितने विमान हुए नष्ट?

वहीं कुछ अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट्स के मुताबिक अब तक इस संघर्ष में कम से कम सात अमेरिकी विमान नष्ट हो चुके हैं. अगर ईरान के नए दावे सही साबित होते हैं, तो यह संख्या और बढ़ सकती है.