अमेरिका ने लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी ब्रार पर निज्जर हत्या का लगाया आरोप, 24 गिरफ्तार

अमेरिका ने भारतीय जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और उसके सहयोगी सतिंदरजीत सिंह उर्फ गोल्डी ब्रार पर बड़ा आरोप लगाया है. अमेरिका का कहना है कि दोनों ने 2023 में कनाडा में खालिस्तानी नेता हरदीप सिंह निज्जर की हत्या का आदेश दिया था.

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Shilpa Srivastava

नई दिल्ली: अमेरिका ने भारतीय जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और उसके सहयोगी सतिंदरजीत सिंह उर्फ गोल्डी ब्रार पर बड़ा आरोप लगाया है. अमेरिका का कहना है कि दोनों ने 2023 में कनाडा में खालिस्तानी नेता हरदीप सिंह निज्जर की हत्या का आदेश दिया था. बता दें कि यह हत्या 18 जून 2023 को ब्रिटिश कोलंबिया के सरे शहर में एक गुरुद्वारे के बाहर की गई थी. 

अमेरिकी अदालत के कागजात में निज्जर को 'H.S.N.' लिखा गया है. लॉस एंजेलिस की अदालत में मंगलवार को यह इंडिक्टमेंट (आरोप पत्र) खोला गया. लॉरेंस बिश्नोई अभी भारत में जेल में बंद हैं, जबकि उनका सहयोगी गोल्डी ब्रार अभी फरार है.

ऑपरेशन हार्डबॉल के तहत हुई कार्रवाई:

अमेरिका, कनाडा और यूरोप की पुलिस ने मिलकर 'ऑपरेशन हार्डबॉल' नाम से बड़ी कार्रवाई की. इस कार्रवाई में तीन भारत-आधारित अंतरराष्ट्रीय अपराध गिरोहों से जुड़े 24 लोगों को गिरफ्तार किया गया. इनमें से 11 लोग कैलिफोर्निया में पकड़े गए.  कुल 37 लोगों पर तीन अलग-अलग केस में आरोप लगाए गए हैं. इनमें दो ऐसे लोग भी हैं जो भारत की जेल में बंद रहते हुए भी विदेश में अपराध चला रहे थे. बता दें कि अमेरिका में 13 लोग गिरफ्तार हुए, कनाडा में 3, स्पेन में 1 और 7 पहले से ही जेल में थे. पुलिस अभी 10 फरार लोगों की तलाश कर रही है, जिनमें 7 अमेरिका, 2 भारत और 1 यूरोप में हैं.


अमेरिकी अटॉर्नी बिल एस्सेली ने कहा, “अमेरिका, कनाडा, यूरोप और एशिया की पुलिस मिलकर इन अपराधी गिरोहों को तोड़ने के लिए पूरी तरह से तैयार है. इन गुंडों के लिए कहीं भी सुरक्षित जगह नहीं है.” कनाडा सरकार ने सितंबर 2025 में बिश्नोई गिरोह को आतंकवादी संगठन घोषित कर दिया था.

हरदीप सिंह निज्जर हत्या का मामला:

अमेरिकी जांच एजेंसियों ने कई सालों की जांच के बाद यह कार्रवाई की है. इन गिरोहों पर रंगदारी, टारगेट किलिंग, गोलीबारी, जबरन वसूली और बड़े पैमाने पर ड्रग्स तस्करी जैसे कई गंभीर अपराधों के आरोप हैं. ये अपराधी नेटवर्क कई देशों में सक्रिय हैं और खासतौर पर विदेश में रह रहे भारतीय समुदाय पर इनका बहुत बुरा असर पड़ रहा है. लॉरेंस बिश्नोई और उनके गिरोह पर पहले भी कई हत्याओं और अपराधों के आरोप लग चुके हैं. इस नई कार्रवाई से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बिश्नोई गैंग की गतिविधियों पर बड़ी नजर पड़ी है.