दुनिया को मिलेगी सबसे बड़ी राहत, कुछ ही घंटों में अमेरिका-ईरान में होने जा रहा शांति समझौता

अमेरिका और ईरान के बीच एक ऐतिहासिक समझौते के मसौदे को अंतिम रूप देने की कोशिशें तेज हो गई हैं. अल अरबिया के मुताबिक, अगले कुछ घंटों में इसकी आधिकारिक घोषणा होने की संभावना बनी हुई है.

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Kanhaiya Kumar Jha

वॉशिंगटन और तेहरान के बीच चल रहे दशकों पुराने तनाव को खत्म करने के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण समझौते को अंतिम रूप दिया जा रहा है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दोनों देशों के बीच शांति संधि की रूपरेखा लगभग तैयार हो चुकी है.

अल अरबिया ने खुफिया सूत्रों के हवाले से बुधवार को दावा किया है कि इस ऐतिहासिक समझौते से जुड़ी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं. दोनों देशों के नीति निर्माता इस मसौदे को अंतिम रूप देने में जुटे हैं, जिसकी घोषणा अगले कुछ घंटों के भीतर ही दुनिया के सामने की जा सकती है. हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए पत्रकारों से कहा कि उन्हें इस डील को लेकर कोई जल्दबाजी नहीं है और वे इसे एक आखिरी मौका दे रहे हैं.

इज़राइल सेना हाई अलर्ट पर

इस महा-समझौते की सुगबुगाहट के बीच पश्चिम एशिया के सबसे संवेदनशील क्षेत्र में हथियारों की गड़गड़ाहट और सैन्य हलचल भी चरम पर पहुंच गई है. इज़राइल के सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट कर्नल अयाल ज़मीर ने बुधवार को एक बेहद गंभीर बयान जारी करते हुए कहा कि उनकी सेना इस समय अपनी सबसे ऊंची अलर्ट स्थिति पर तैनात है. उन्होंने इसकी मुख्य वजह वॉशिंगटन और तेहरान के बीच एक-दूसरे को लगातार दी जा रही युद्ध और तबाही की खुली धमकियों को बताया है.

दरअसल, इस पूरी कूटनीतिक रस्साकशी के पीछे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का वह बेहद कड़ा अल्टीमेटम है, जिसने दोनों देशों को एक बड़े टकराव के मुहाने पर लाकर खड़ा कर दिया है. ट्रंप ने ईरानी वार्ताकारों को पश्चिम एशिया में चल रहे भीषण युद्ध को हमेशा के लिए समाप्त करने वाली इस शांति संधि को स्वीकार करने के लिए महज दो से तीन दिन यानी 72 घंटों की सख्त समयसीमा दी है. इस बड़े दांव के चलते वैश्विक महाशक्तियों के बीच भी तनाव का माहौल है.

ट्रंप का दावा- तेल की कीमतों में होगी भारी गिरावट

व्हाइट हाउस से जारी अपने एक बयान में राष्ट्रपति ट्रंप ने पूरे भरोसे के साथ कहा था, 'हम उस क्षेत्र में चल रहे युद्ध को बहुत ही जल्दी और स्थाई रूप से खत्म करने जा रहे हैं' ट्रंप का दावा है कि आर्थिक प्रतिबंधों से जूझ रहा ईरान इस समय समझौता करने के लिए बहुत ज्यादा बेताब है. उन्होंने वैश्विक बाजार को संकेत देते हुए कहा कि इस संधि के होते ही दुनिया भर में कच्चे तेल की कीमतें बहुत तेजी से नीचे गिरेंगी, क्योंकि वहां तेल का विशाल भंडार मौजूद है.