'सैन्य समाधान कोई समाधान नहीं', यूएन प्रमुख ने भारत-पाकिस्तान से की शांति बरतने की अपील

पहलगाम हमले पर गुटेरस ने कहा कि मैं इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा करता हूं और पीड़ितों के परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं. नागरिकों को निशाना बनाना अस्वीकार्य है, और इसके लिए जिम्मेदार लोगों को विश्वसनीय, कानूनी तरीकों से न्याय के कटघरे में लाया जाना चाहिए.

Sagar Bhardwaj

भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव हाल के वर्षों में अपने चरम पर पहुंच गया है. संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने इस स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए दोनों देशों से अधिकतम संयम बरतने और शांति की दिशा में कदम उठाने की अपील की है. उन्होंने न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में कहा, "मैं दोनों देशों की सरकारों और लोगों का गहरा सम्मान करता हूं और संयुक्त राष्ट्र के कार्यों, विशेष रूप से शांति रक्षा में उनके योगदान के लिए आभारी हूं. इसलिए, संबंधों के इस उफान पर पहुंचना मुझे पीड़ा देता है."

पहलगाम हमले की निंदा
गुटेरेस ने 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भयावह आतंकी हमले की कड़ी निंदा की, जिसमें कई नागरिक मारे गए थे. उन्होंने कहा, "मैं इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा करता हूं और पीड़ितों के परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं. नागरिकों को निशाना बनाना अस्वीकार्य है, और इसके लिए जिम्मेदार लोगों को विश्वसनीय, कानूनी तरीकों से न्याय के कटघरे में लाया जाना चाहिए."

सैन्य टकराव से बचने की सलाह
महासचिव ने चेतावनी दी कि सैन्य टकराव से स्थिति अनियंत्रित हो सकती है. उन्होंने जोर देकर कहा, "अब अधिकतम संयम बरतने और तनाव को कम करने का समय है. सैन्य समाधान कोई समाधान नहीं है." गुटेरेस ने दोनों देशों के साथ अपनी निरंतर बातचीत में शांति को बढ़ावा देने का संदेश दिया है और संयुक्त राष्ट्र की ओर से तनाव कम करने वाली कूटनीति का समर्थन करने की पेशकश की है.

शांति के लिए संयुक्त राष्ट्र की प्रतिबद्धता
गुटेरेस ने दोनों सरकारों को शांति के लिए अपनी सेवाएं देने की पेशकश की. उन्होंने कहा, "संयुक्त राष्ट्र किसी भी ऐसी पहल का समर्थन करने के लिए तैयार है जो तनाव कम करने और शांति के प्रति नई प्रतिबद्धता को बढ़ावा दे." यह अपील भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.