'यूक्रेन नहीं मानेगा हार, कमजोर समझौता मंजूर नहीं', नए साल पर राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की का संदेश
यूक्रेनी राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की ने नए साल से पहले अपने संबोधन में देश की जनता में जोश भरने की कोशिश की है. उन्होंने कहा कि इस बार यूक्रेन किसी भी कमजोर समझौते पर हस्ताक्षर नहीं करेगा.
नई दिल्ली: यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की ने नए साल की पूर्व संध्या पर देश के नागरिकों को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने रूस के साथ युद्ध को खत्म करने की इच्छा जाहिर की, हालांकि उन्होंने यह साफ संदेश दिया कि किसी भी हाल में कमजोर शांति समझौते को यूक्रेन नहीं मानेगा.
वलोडिमिर जेलेंस्की ने चेतावनी देते हुए कहा कि कोई भी समझौता देश के भविष्य की कीमत पर नहीं किया जाएगा. हालांकि इससे पहले रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अपने संबोधन में यह विश्वास दिलाया था कि यूक्रेन के साथ चल रहे युद्ध में मॉस्को की जीत होगी.
आधी रात में जनता में भरा जोश
यूक्रेनी राष्ट्रपति ने आधी रात से ठीक पहले उन्होंने अपना संबोधन दिया. जेलेंस्की ने अपने नागरिकों के लिए चिंता जाहिर करते हुए कहा कि लगभग चार साल के युद्ध के बाद यूक्रेनी लोग थक गए हैं. यह लड़ाई द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान कई यूक्रेनी शहरों पर जर्मन कब्जे से भी लंबा है. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि इस बार किसी भी हाल में और कितने भी थकान के बाद यूक्रेन आत्मसमर्पण नहीं करेगा. उन्होंने यूक्रेन की जनता की ओर से कहा कि हमारा देश हर हाल में शांति चाहता है लेकिन उसकी कीमत हम तय करेंगे. युद्ध खत्म होगा लेकिन यूक्रेन का अंत नहीं होगा.
यूक्रेन में सालों के लिए होगी शांति
जेलेंस्की ने अपने देश की जनता के सामने यह स्वीकारा है कि युद्ध की वजह से देश बुरी तरह प्रभावित हुआ है. वहां की जनता इस युद्ध से थक चुकी है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हम आत्मसमर्पण कर देंगे. अगर ऐसा कोई सोच भी रहा है कि हम ऐसा करेंगे तो वह बहुत बड़ी गलती कर रहा है.
उन्होंने इस बात को एक बार फिर से दोहराया है कि बिना किसी ठोस गारंटी के इस बार समझौते नहीं किए जाएंगे. अगर समझौता कमजोर होगा तो भविष्य में युद्ध फिर से संभव है, इसलिए मजबूत समझौते पर ही हस्ताक्षर होंगे. उन्होंने बताया कि अभी हर बैठक और हर एक सरकारी एक्शन इसी फैसले के लिए लिए जा रहे हैं. उन्होंने बताया कि शांति समझौता 90 प्रतिशत तैयार है लेकिन उस 10 प्रतिशत मेें ही सब कुछ है. यह यूक्रेन और यूरोप का भाग्य तय करने वाला समझौता होगा.