यूक्रेन के पास पड़ी युवा लड़ाकों की भारी कमी, अब बुजुर्गों की भर्ती के लिए लाएगा बिल

इस विधेयक के माध्यम से यूक्रेन के वरिष्ठ नागरिकों, जिन्हें “विचारशील नेता” और “पेशेवर देशभक्त” कहा गया है, को सामने आकर उदाहरण प्रस्तुत करने का मौका मिलेगा. यह कदम युवा पीढ़ी को प्रेरित करने के लिए उठाया गया है, ताकि वे मातृभूमि यूक्रेन के लिए लड़ने और बलिदान देने का जज्बा सीख सकें.

Sagar Bhardwaj

यूक्रेन की संसद वेरखोवना राडा ने एक महत्वपूर्ण विधेयक को मंजूरी देने जा रहा है, जो 60 वर्ष से अधिक उम्र के पुरुषों को स्वैच्छिक सैन्य भर्ती की अनुमति देता है. सशस्त्र बलों में युवा सैनिकों की भारी कमी के बीच यह कदम उठाया गया है. यूक्रेन ने रूस से लड़ने के लिए सड़कों से भी लड़ाकों की भर्ती की थी लेकिन अब यूक्रेन को वो भी नहीं मिल रहे हैं.

बुजुर्गों को प्रेरणा देने का अवसर
इस विधेयक के माध्यम से यूक्रेन के वरिष्ठ नागरिकों, जिन्हें “विचारशील नेता” और “पेशेवर देशभक्त” कहा गया है, को सामने आकर उदाहरण प्रस्तुत करने का मौका मिलेगा. यह कदम युवा पीढ़ी को प्रेरित करने के लिए उठाया गया है, ताकि वे मातृभूमि यूक्रेन के लिए लड़ने और बलिदान देने का जज्बा सीख सकें. विधेयक के तहत 60 वर्ष से अधिक आयु के पुरुष स्वेच्छा से सैन्य सेवा में शामिल हो सकेंगे.

सैन्य बलों की कमी का समाधान
यूक्रेन की सशस्त्र सेनाएं वर्तमान में गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही हैं, क्योंकि युद्ध के चलते सैनिकों की संख्या में भारी कमी आई है. इस विधेयक का उद्देश्य सैन्य बलों को मजबूत करना और अनुभवी नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित करना है. यह कदम देश की रक्षा नीति में एक नया दृष्टिकोण लाने की कोशिश है, जिससे बुजुर्ग नागरिक भी युद्ध के समय योगदान दे सकें.

विधेयक की अगली प्रक्रिया
यह विधेयक अब आगे की चर्चा और अंतिम मंजूरी के लिए संसद में जाएगा. इस बीच, इस फैसले ने देश में व्यापक बहस छेड़ दी है, क्योंकि कई लोग इसे साहसिक कदम मान रहे हैं, जबकि कुछ इसे विवादास्पद बता रहे हैं.