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UAE ने ईरानियों पर लगाई सख्त पाबंदी! दुबई-आबूधाबी में एंट्री और ट्रांजिट पूरी तरह की बंद

संयुक्त अरब अमीरात ने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच ईरानी पासपोर्ट धारकों के लिए प्रवेश और ट्रांजिट पर रोक लगा दी है. इमिरेट्स, एतिहाद और फ्लाई दुबई ने इसकी पुष्टि की है. यूएई की एयर सिक्योरिटी ने ईरानी मिसाइलों और ड्रोनों को रोक लिया. जेटब्लू ने बैगेज फीस बढ़ा दी है.

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Kuldeep Sharma

पश्चिम एशिया में बढ़ रही शत्रुता के बीच संयुक्त अरब अमीरात ने ईरानी पासपोर्ट वाले लोगों के लिए देश में प्रवेश और ट्रांजिट पर सख्त पाबंदी लगा दी है. अबू धाबी से मिली खबर के मुताबिक, तीन प्रमुख एयरलाइंस इमिरेट्स, एतिहाद और फ्लाई दुबई ने अपनी वेबसाइट पर यह जानकारी दी है कि ईरानी नागरिक अब यूएई में नहीं आ सकेंगे और न ही ट्रांजिट के लिए इस्तेमाल कर सकेंगे.

यह कदम क्षेत्रीय संघर्ष के तेज होने के बाद उठाया गया है, जिसमें ईरान से लॉन्च किए गए मिसाइल और ड्रोन हमलों को यूएई के एयर डिफेंस सिस्टम ने रोक लिया. हालांकि गोल्डन वीजा धारकों को अभी भी प्रवेश की अनुमति है. यूएई सरकार की ओर से अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन एयरलाइंस ने निर्देश का पालन शुरू कर दिया है.

यूएई की नई यात्रा नीति

संयुक्त अरब अमीरात ने ईरानी पासपोर्ट धारकों पर तुरंत प्रभाव से यात्रा प्रतिबंध लागू कर दिया है. फ्लाई दुबई, इमिरेट्स और एतिहाद जैसी एयरलाइंस ने अपने प्लेटफॉर्म पर साफ-साफ लिख दिया है कि ऐसे यात्रियों को दुबई या अन्य एयरपोर्ट से होकर गुजरने या देश में आने की इजाजत नहीं होगी. यह फैसला क्षेत्र में हो रहे मिसाइल और ड्रोन हमलों के बाद आया है.

यूएई सात शेखी राज्यों का संघ है जहां प्रवेश नियम अक्सर सार्वजनिक रूप से विस्तार से नहीं बताए जाते, लेकिन एयरलाइंस ने यह बदलाव अपनी वेबसाइट पर अपडेट कर दिया. गोल्डन वीजा वाले ईरानी नागरिकों को छूट दी गई है, जो दस साल की रेजीडेंसी देते हैं. इससे पहले दुबई में ईरानी अस्पताल और ईरानी क्लब जैसे पुराने संस्थान बंद कर दिए गए थे.

एयर डिफेंस की सफलता

रविवार 29 मार्च को यूएई की रक्षा मंत्रालय ने बताया कि उनके एयर डिफेंस सिस्टम ने ईरान से दागी गई 16 बैलिस्टिक मिसाइलों और 42 ड्रोनों को सफलतापूर्वक रोक लिया. मंत्रालय के बयान में कहा गया कि संघर्ष शुरू होने से अब तक कुल 414 बैलिस्टिक मिसाइल, 15 क्रूज मिसाइल और 1914 यूएवी को नष्ट किया गया है. यह आंकड़े क्षेत्रीय तनाव की गंभीरता को दिखाते हैं. यूएई ने इन हमलों से अपनी महत्वपूर्ण सुविधाओं की रक्षा की है. विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे कदम क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने के लिए जरूरी हैं, हालांकि इससे यात्रा और व्यापार पर असर पड़ रहा है.

एयरलाइंस का फैसला और प्रभाव

तीन बड़ी एयरलाइंस ने तुरंत अपनी वेबसाइट पर नोटिस जारी कर दिया कि ईरानी पासपोर्ट वाले यात्री अब यूएई में प्रवेश या ट्रांजिट नहीं कर सकेंगे. यह प्रतिबंध सभी प्रकार के वीजा पर लागू होता है, सिवाय गोल्डन वीजा के. इससे ईरानी समुदाय प्रभावित हुआ है. दुबई में रह रहे कई ईरानी नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. यूएई में ईरानी अस्पताल और क्लब जैसे पुराने संस्थानों को बंद करने के बाद यह नया कदम उठाया गया है, जो क्षेत्रीय शत्रुता बढ़ने का संकेत है. यात्रियों को अब वैकल्पिक रूट खोजने होंगे.

जेटब्लू की बैगेज फीस में बढ़ोतरी

इस बीच अमेरिकी एयरलाइन जेटब्लू ने चेक इन बैग की फीस में बढ़ोतरी कर दी है. मध्य पूर्व में चल रहे युद्ध के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित होने और ईंधन की कीमतें बढ़ने से यह फैसला लिया गया. अब ज्यादातर घरेलू इकोनॉमी यात्रियों को पहला चेक बैग 39 डॉलर में मिलेगा, जो पहले 35 डॉलर था. पीक सीजन में यह फीस 49 डॉलर हो जाएगी. एयरलाइन ने कहा कि वैकल्पिक सेवाओं पर ज्यादा चार्ज लेकर वे बेसिक किराए को प्रतिस्पर्धी रख सकेंगी. न्यूयॉर्क के जेएफके एयरपोर्ट पर मुख्य टर्मिनल वाली जेटब्लू ने यह बदलाव सोमवार से लागू कर दिया.

क्षेत्रीय तनाव और भविष्य

पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष ने यात्रा नियमों को सख्त बना दिया है. यूएई जैसे देश अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता दे रहे हैं और ऐसे कदम उठा रहे हैं जो क्षेत्रीय शांति बनाए रखने में मदद करें. हालांकि इससे व्यापार, पर्यटन और समुदाय प्रभावित हो रहे हैं. ईरानी नागरिकों के लिए यात्रा विकल्प सीमित हो गए हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि स्थिति सामान्य होने तक ये प्रतिबंध जारी रह सकते हैं. यात्रियों को सलाह दी जा रही है कि वे नवीनतम अपडेट चेक करें और वैकल्पिक रास्ते अपनाएं.