Pahalgam Attack: UAE प्रेसिडेंट ने मोदी से की बात, पहलगाम हमले को बताया 'डर्टी गेम'; आतंकियों के खिलाफ खोला मोर्चा
UAE President On Pahalgam Attack: यूएई के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद ने प्रधानमंत्री मोदी से फोन पर बातचीत की, जिसमें उन्होंने पहलगाम आतंकी हमले की कड़ी निंदा की और भारत के प्रति अपनी एकजुटता व्यक्त की. दोनों नेताओं ने आतंकवाद के सभी स्वरूपों का विरोध करने पर सहमति जताई.
UAE President On Pahalgam Attack: संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फोन कर जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की सख्त निंदा की. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शनिवार को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर इसकी जानकारी दी. राष्ट्रपति ने भारत के साथ पूरी एकजुटता और समर्थन का भरोसा भी दिलाया.
आतंकी हमले पर जताई संवेदना
जायसवाल ने पोस्ट में लिखा, ''यूएई के राष्ट्रपति महामहिम @MohamedBinZayed ने प्रधानमंत्री @NarendraModi को कॉल कर भारतीय जमीन पर हुए इस बर्बर आतंकी हमले पर गहरी संवेदना व्यक्त की. उन्होंने हमले की तीखी निंदा की और भारत के साथ अपनी मजबूती से खड़े रहने की बात कही.''
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आतंकवाद के खिलाफ साझा रुख
बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद इस बात पर सहमत हुए कि आतंकवाद को किसी भी रूप और तरीके में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता. जायसवाल ने आगे बताया, ''दोनों नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि आतंकवाद को उसके सभी रूपों और मनिफेस्टेशन्स में पूरी तरह से खारिज किया जाना चाहिए. पीएम मोदी ने यह भी दोहराया कि भारत इस जघन्य अपराध के अपराधियों और उनके मददगारों को न्याय के कटघरे में लाने के लिए पूरी ताकत से काम करेगा.''
घाटी में सबसे बड़ा आतंकी हमला
वहीं 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए इस हमले में 26 निर्दोष लोगों की जान चली गई थी, जिनमें ज्यादातर पर्यटक शामिल थे. यह 2019 के पुलवामा हमले के बाद जम्मू-कश्मीर में सबसे बड़ा और घातक हमला माना जा रहा है. प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) से जुड़े द रेसिस्टेंस फ्रंट (TRF) ने इस हमले की जिम्मेदारी ली थी.
ग्लोबल मंच पर भारत को मिल रहा समर्थन
बहरहाल, इस आतंकी हमले की दुनिया भर में कड़ी निंदा की जा रही है. कई देशों ने भारत के साथ एकजुटता दिखाते हुए आतंकवाद के खिलाफ सख्त कदम उठाने की अपील की है. प्रधानमंत्री मोदी का मजबूत रुख और अंतरराष्ट्रीय समर्थन, भारत की आतंक के खिलाफ लड़ाई को और मजबूती दे रहा है.