कासिम सुलेमानी की कब्र के पास दो धमाके, 103 की मौत; ईरान के पूर्व जनरल की बरसी पर किसने किया हमला?
दक्षिणी ईरान के करमान में साहेब अल-जमान मस्जिद के 15 मिनट में दो बार जोरदार धमाकों से मची अफरा-तफरी. भगदड़ में सैकड़ों लोग घायल हैं. सभी को अस्पतालों में भर्ती कराया गया है.
Two blasts Near Grave of Former General Qasem Sulemani: ईरान से एक बड़ी खबर सामने आ रही है. यहां जनरल कासिम सुलेमानी की कब्र के पास मंगलवार को दो जोरदार धमाके हुए. सामने आया है कि 3 जनवरी को कासिम सुलेमानी की तीसरी बरसी थी. इन धमाकों में करीब 103 लोगों की मौत हो गई है. जबकि 120 से ज्यादा लोग घायल हैं. अमेरिका ने 3 दिसंबर 2020 को ड्रोन हमले में सुलेमानी को मार गिराया था.
एएफपी ने स्थानीय मीडिया के हवाले से बताया है कि पहला धमाका दक्षिणी ईरान के करमान में साहेब अल-जमान मस्जिद के पास हुआ. यहां ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के विदेशी अभियानों के प्रमुख सुलेमानी को दफनाया गया है. जबकि दूसरा धमाका भी यहीं पर हुआ. रॉयटर्स के अनुसार करमान प्रांत रेड क्रिसेंट बचाव दल के प्रमुख रेजा फल्लाह ने कहा कि हमारी बचाव टीमें घायलों को निकाल रही हैं.
विस्फोट क्यों और कैसे हुआ? इसकी हो रही है जांच
ईरानी राज्य टीवी ने बताया कि कासिम सुलेमानी के दफन स्थान के पास हुए विस्फोट के कारण के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है. बताया गया कि विस्फोटों के बाद मची भगदड़ में कई लोग घायल हो गए, क्योंकि लाइव प्रसारण में हजारों लोगों को बरसी में भाग लेते दिखाया गया है. मौके पर एंबुलेंस भी देखी गईं.
नूरन्यूज की ओर से बताया गया है कि कब्रिस्तान की ओर जाने वाली सड़क पर कई गैस कंटेनरों में विस्फोट हुआ. जबकि ईरानी राज्य मीडिया ने एक स्थानीय अधिकारी के हवाले से कहा है कि यह अभी तक स्पष्ट नहीं है कि विस्फोट गैस सिलेंडरों के कारण हुए थे या आतंकवादी हमले के कारण हुए थे.
उधर, ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में कहा गया है कि मध्य प्रांत करमान में 15 मिनट के अंदर दो विस्फोटों की आवाज सुनी गई. राज्य संचालित इस्लामिक रिपब्लिक न्यूज एजेंसी ने प्रांत के डिप्टी गवर्नर के हवाले से कहा कि यह अभी तक स्पष्ट नहीं है कि विस्फोट किस कारण से हुए हैं.
कौन हैं कासिम सुलेमानी?
3 दिसंबर साल 2020 को बगदाद हवाई अड्डे के ठीक बाहर अमेरिकी ड्रोन हमले में मौत के बाद कासिम सुलेमानी ईरान में एक सम्मानित शख्सियत बने हुए हैं. उन्होंने ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स की विदेशी ऑपरेशन शाखा- कुद्स फोर्स का नेतृत्व किया था.