'आप व्हाइट हाउस के मालिक नहीं, किराएदार हैं', बॉलरूम निर्माण पर ट्रम्प को US कोर्ट ने दिया बड़ा झटका

अमेरिकी अपील अदालत ने व्हाइट हाउस में प्रस्तावित 40 करोड़ डॉलर के बॉलरूम निर्माण पर रोक बरकरार रखी है. अदालत ने कहा कि राष्ट्रपति अकेले ऐतिहासिक इमारत में इतना बड़ा बदलाव नहीं कर सकते.

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Kuldeep Sharma

नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की व्हाइट हाउस में विशाल बॉलरूम बनाने की योजना को अदालत से बड़ा झटका लगा है. संघीय अपील अदालत ने निर्माण रोकने वाले आदेश को बरकरार रखा और कहा कि व्हाइट हाउस में बड़े बदलाव का फैसला केवल कार्यपालिका के अधिकार से नहीं किया जा सकता.

बॉलरूम प्रोजेक्ट पर अदालत ने लगाई रोक

वॉशिंगटन स्थित संघीय अपील अदालत ने ट्रंप प्रशासन को प्रस्तावित बॉलरूम का निर्माण आगे बढ़ाने से रोक दिया है. करीब 40 करोड़ डॉलर की लागत वाली इस योजना को लेकर अदालत ने 2-1 के बहुमत से फैसला सुनाया. अदालत ने पहले दिए गए उस आदेश को भी कायम रखा, जिसके तहत नेशनल ट्रस्ट फॉर हिस्टोरिक प्रिजर्वेशन की याचिका पर परियोजना पर रोक लगाई गई थी.

मामले में मुख्य सवाल यह है कि क्या राष्ट्रपति को कांग्रेस की मंजूरी के बिना व्हाइट हाउस जैसे ऐतिहासिक परिसर में इतना बड़ा निर्माण कराने का अधिकार है. अदालत के फैसले ने फिलहाल ट्रंप प्रशासन की योजना की रफ्तार रोक दी है और इस मुद्दे को अमेरिकी सत्ता के अधिकारों की बहस के केंद्र में ला दिया है.


अदालत ने राष्ट्रपति के अधिकार पर उठाया सवाल

फैसले में अदालत ने कहा कि व्हाइट हाउस और राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास पर राष्ट्रपति का अधिकार पूर्ण स्वामित्व जैसा नहीं है. अदालत की टिप्पणी के मुताबिक हर राष्ट्रपति इन स्थानों का अस्थायी निवासी होता है. इसी आधार पर अदालत ने संकेत दिया कि ऐतिहासिक इमारत के स्वरूप में बड़े बदलाव के लिए सिर्फ कार्यपालिका का निर्णय पर्याप्त नहीं माना जा सकता.

न्यायालय ने यह भी कहा कि ऐसे महत्वपूर्ण पुनर्निर्माण से जुड़े अधिकारों में कांग्रेस की भूमिका अहम है. इस टिप्पणी को ट्रंप प्रशासन की व्यापक कार्यकारी शक्तियों के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. फिलहाल अदालत के आदेश के कारण बॉलरूम का निर्माण आगे बढ़ाने की योजना पर रोक लगी हुई है.

ट्रंप ने फैसले को बताया राजनीति से प्रेरित

अदालत के फैसले के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे स्वीकार करने के बजाय इसकी कड़ी आलोचना की. उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में फैसले को राजनीति से प्रेरित बताया और इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा तक करार दिया. ट्रंप प्रशासन ने संकेत दिया है कि वह मामले को अब अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट तक ले जाएगा.

हालांकि अपील अदालत ने प्रशासन को आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए 14 दिनों का समय दिया है. ट्रंप के लिए यह फैसला इसलिए भी अहम है क्योंकि बॉलरूम परियोजना उनकी व्हाइट हाउस में बड़े बदलाव की योजनाओं का हिस्सा है. अब सुप्रीम कोर्ट का रुख इस परियोजना की अगली दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है.

अब सुप्रीम कोर्ट पर टिकी निगाहें

अमेरिकी संघीय अपील अदालत के 2-1 फैसले के बाद मामला अब देश की सर्वोच्च अदालत तक पहुंचने की तैयारी में है. ट्रंप प्रशासन के पास इस आदेश को चुनौती देने का रास्ता खुला है और राष्ट्रपति ने स्वयं तत्काल अपील करने की बात कही है. दूसरी ओर, ऐतिहासिक संरक्षण से जुड़े संगठन इस परियोजना पर कानूनी रोक को बनाए रखने के पक्ष में हैं.

विवाद केवल एक बॉलरूम के निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सवाल भी उठा रहा है कि राष्ट्रपति ऐतिहासिक सरकारी भवन में कितनी बड़ी संरचनात्मक तब्दीली अपने स्तर पर कर सकते हैं. सुप्रीम कोर्ट में होने वाली अगली सुनवाई से यह स्पष्ट हो सकता है कि इस परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए कांग्रेस की मंजूरी जरूरी होगी या नहीं.