ईरान के बाद अब क्यूबा की बारी? ट्रंप की धमकी से बढ़ी दुनिया की चिंता
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ तनाव के बीच एक बार फिर सैन्य कार्रवाई की चेतावनी दी है.
नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर से सैन्य कार्रवाई की चेतावनी दे दी है. उन्होंने कहा कि अगर ईरान अमेरिका के साथ शांति समझौते पर सहमत नहीं होता, तो अमेरिका दोबारा हमले शुरू कर सकता है. ट्रंप के इस बयान से पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने की आशंका है.
शुक्रवार को फ्लोरिडा में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका एक बार फिर ऑपरेशन एपिक फ्यूरी जैसा अभियान चला सकता है. उन्होंने ईरान को समझौते के लिए आगे आने की सलाह भी दी. इससे पहले तुर्की में अमेरिकी राजदूत टॉम बैरक ने भी संकेत दिया था कि इसी सप्ताह के अंत में ईरान पर हमले दोबारा शुरू हो सकते हैं.
क्या है ऑपरेशन एपिक फ्यूरी?
ऑपरेशन एपिक फ्यूरी उस सैन्य अभियान का नाम है, जिसे अमेरिका ने फरवरी में ईरान के खिलाफ शुरू किया था. ट्रंप की ताजा चेतावनी ऐसे समय आई है, जब जारी संघर्ष से ग्लोबल सप्लाई चेन प्रभावित होने और कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी की चिंता बनी हुई है.
Also Read
ईरान पहले ही अमेरिका को चेतावनी दे चुका है कि नए हमले होने पर वह जवाबी कार्रवाई करेगा. ऐसे में दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ सकता है. तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर दुनिया के कई देशों की अर्थव्यवस्था पर पड़ने की आशंका है.
ईरान के बाद क्यूबा को भी चेतावनी:
ट्रंप ने इसी रैली में क्यूबा को लेकर भी सख्त बयान दिया. उन्होंने कहा कि ईरान के साथ मामला निपटाने के बाद अमेरिका क्यूबा पर ध्यान देगा. ट्रंप ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो का जिक्र करते हुए क्यूबा के तट के पास अमेरिकी जहाज भेजने की बात भी कही. ट्रंप पहले भी क्यूबा में सत्ता बदलाव की मांग कर चुके हैं. मई में उन्होंने देश पर जल्द नियंत्रण करने जैसी टिप्पणी की थी. हालांकि, क्यूबा ने अमेरिकी धमकियों को खारिज किया है.
क्यूबा के विदेश मंत्री ब्रूनो रोड्रिगेज ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि देश का समुद्री तट उन लोगों के लिए आसान जगह नहीं है, जो दुश्मनी या वर्चस्व स्थापित करने के इरादे से वहां पहुंचते हैं. ट्रंप के इन बयानों के बाद ईरान और क्यूबा के साथ अमेरिका के संबंधों को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ सकती है.