200% टैरिफ की धमकी! फ्रांस पर भड़के ट्रंप, मैक्रों का निजी संदेश भी किया सार्वजनिक,जानें किस बात से चिढ़े?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्रांस के खिलाफ 200 प्रतिशत टैरिफ की धमकी दी है. 'बोर्ड ऑफ पीस' को लेकर मतभेद, ग्रीनलैंड विवाद और निजी संदेश सार्वजनिक होने से तनाव बढ़ गया है.
नई दिल्ली: अमेरिका और फ्रांस के रिश्तों में एक बार फिर तीखी खटास दिख रही है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्रांसीसी वाइन और शैम्पेन पर 200 प्रतिशत आयात शुल्क लगाने की चेतावनी देकर कूटनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है. यह विवाद फ्रांस द्वारा ट्रंप के प्रस्तावित 'बोर्ड ऑफ पीस' में शामिल होने से इनकार और ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिकी रुख पर की गई टिप्पणी के बाद सामने आया है. इस टकराव ने व्यापार, सुरक्षा और कूटनीति तीनों मोर्चों पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
200% टैरिफ की सीधी धमकी
डोनाल्ड ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से कहा कि अगर फ्रांस उनके प्रस्तावित मंच में शामिल नहीं होता तो वह फ्रांसीसी वाइन और शैम्पेन पर 200 प्रतिशत टैरिफ लगा देंगे. उन्होंने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों का नाम लेते हुए कहा कि 'वह शामिल होंगे, लेकिन जरूरी नहीं है.' इस बयान को व्यापारिक दबाव की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है, जिससे यूरोपीय उत्पादों पर अमेरिकी सख्ती के संकेत मिलते हैं.
'बोर्ड ऑफ पीस' और उसका दायरा
ट्रंप का 'बोर्ड ऑफ पीस' प्रस्ताव शुरुआत में गाजा के पुनर्निर्माण की निगरानी के लिए सामने आया था. हालांकि इसके चार्टर में भूमिका को केवल गाजा तक सीमित नहीं रखा गया है. फ्रांस के करीबी सूत्रों का कहना है कि यह मंच व्यापक भू-राजनीतिक हस्तक्षेप की आशंका पैदा करता है, इसी वजह से पेरिस ने इसमें शामिल होने के संकेत नहीं दिए.
ग्रीनलैंड पर विवाद और निजी संदेश
तनाव तब और बढ़ा जब ट्रंप ने सोशल मीडिया पर मैक्रों का एक निजी संदेश साझा किया. संदेश में मैक्रों ने ईरान और सीरिया पर सहमति जताई, लेकिन ग्रीनलैंड को लेकर ट्रंप के कदमों पर हैरानी व्यक्त की. ग्रीनलैंड डेनमार्क का हिस्सा है और अमेरिका की दिलचस्पी ने यूरोप में असहजता पैदा की है. मैक्रों ने ट्रंप से मुलाकात और डिनर का प्रस्ताव भी रखा था.
फ्रांस की तीखी प्रतिक्रिया और व्यंग्य
फ्रांस ने अमेरिकी रुख पर व्यंग्यात्मक अंदाज में प्रतिक्रिया दी. फ्रांसीसी विदेश मंत्रालय के आधिकारिक अकाउंट से पोस्ट कर अमेरिका की दलीलों की तुलना 'भविष्य की आग रोकने के लिए अभी घर जला देने' जैसी सोच से की गई. यह टिप्पणी अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट के उस बयान पर थी, जिसमें उन्होंने रूस से संभावित खतरे के नाम पर ग्रीनलैंड पर फोकस को जायज ठहराया था.
आर्कटिक सुरक्षा और आगे की राह
अमेरिका का तर्क है कि आर्कटिक क्षेत्र में रूस से भविष्य के खतरे को देखते हुए ग्रीनलैंड रणनीतिक रूप से अहम है. बेसेंट ने कहा कि नाटो की सुरक्षा गारंटी बनी रहेगी, लेकिन किसी हमले की स्थिति में अमेरिका खिंच जाएगा. इस पूरे घटनाक्रम ने दिखा दिया है कि व्यापारिक चेतावनियां, निजी कूटनीति और सुरक्षा चिंताएं मिलकर अमेरिका-फ्रांस संबंधों को नई कसौटी पर ला खड़ा कर रही हैं.
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