ईरान पर हमले से पीछे हटे ट्रंप, क्या टल गया महायुद्ध का खतरा या अभी बाकी है बड़ा धमाका?

US Iran Tension: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहा है. इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा बयान दिया है.

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Shilpa Srivastava

US Iran Tension: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या दोनों देश युद्ध की ओर बढ़ रहे हैं या बातचीत से कोई रास्ता निकल सकता है? इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 25 अक्टूबर को ईरान पर हमले की संभावना से इनकार कर फिलहाल सैन्य कार्रवाई की आशंका को कुछ समय के लिए टाल दिया था. हालांकि, इसे दोनों देशों के बीच तनाव खत्म होने का संकेत नहीं माना जा सकता. ट्रंप ने भविष्य में सैन्य कार्रवाई की संभावना को पूरी तरह खारिज नहीं किया है. ऐसे में अब सबकी नजर इस बात पर है कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत आगे बढ़ती है या तनाव और गहराता है.

क्या अमेरिका और ईरान के बीच छिड़ सकता है युद्ध?

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव बड़े सैन्य टकराव की आशंका को खत्म नहीं होने दे रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 25 अक्टूबर को हमले से इनकार जरूर किया था, लेकिन भविष्य की सैन्य कार्रवाई पर कोई स्पष्ट फैसला नहीं दिया है. दूसरी ओर, ईरान ने भी अमेरिका की मांगों को स्वीकार नहीं किया है. ऐसे में अगर दोनों देशों के बीच बातचीत विफल रहती है और तनाव बढ़ता है, तो सैन्य संघर्ष का खतरा पैदा हो सकता है. हालांकि, कतर और अन्य मध्यस्थों के प्रयासों से कूटनीतिक समाधान की उम्मीद भी बनी हुई है.

ईरान पर हमले या समझौते में से क्या चुनेंगे ट्रंप?

जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या अमेरिका ईरान पर हमला करेगा, तो उन्होंने पहले सवाल किया कि क्या वह इस बारे में पहले से बताएंगे. इसके बाद उन्होंने साफ किया कि 25 अक्टूबर को कोई हमला नहीं होगा. इससे पहले ट्रंप ने कहा था कि वह ईरान के साथ समझौता करने या सैन्य कार्रवाई जारी रखने के विकल्पों पर विचार कर रहे हैं. इससे संकेत मिलता है कि अमेरिका ने फिलहाल हमले को टालने का फैसला किया है, लेकिन आगे की रणनीति अभी स्पष्ट नहीं है.


बातचीत के जरिए तनाव कम करने की कोशिश:

ईरान का कहना है कि दोनों देशों के बीच मध्यस्थों के जरिए संदेशों का आदान-प्रदान जारी है. हालांकि, औपचारिक बातचीत में अब तक खास प्रगति नहीं हुई है. ईरान ने अमेरिका की मांगों को खारिज करते हुए उन्हें आत्मसमर्पण के समान बताया है. इस बीच, अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने के लिए कतर ने भी पहल की है. कतर के मध्यस्थ बातचीत के लिए ईरान की राजधानी तेहरान पहुंचे. उनका मकसद दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव को कम करना और बातचीत का रास्ता निकालना है. अगर बातचीत आगे बढ़ती है, तो दोनों देशों के बीच समझौते की उम्मीद बढ़ सकती है.