ब्रिटिश सांसद ने ट्रंप को कह दिया 'इंटरनेशनल गुंडा', ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति की धमकियों पर भड़के

ब्रिटेन की संसद में लिबरल डेमोक्रेट नेता एड डेवी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर तीखा हमला बोला. उन्होंने ट्रंप को अंतरराष्ट्रीय गुंडा बताते हुए उनकी नीतियों को वैश्विक शांति के लिए खतरा करार दिया.

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Kanhaiya Kumar Jha

नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आक्रामक विदेश नीति को लेकर ब्रिटेन में तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है. ब्रिटिश संसद में लिबरल डेमोक्रेट पार्टी के नेता एड डेवी ने ट्रंप पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने ट्रंप को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दबाव बनाने वाला नेता बताया और कहा कि उनकी नीतियों से अमेरिका और उसके पारंपरिक सहयोगियों के रिश्ते कमजोर हो रहे हैं. यह बयान ऐसे समय आया है जब ट्रंप के टैरिफ और ग्रीनलैंड को लेकर विवाद गहराता जा रहा है.

संसद के तनावपूर्ण सत्र के दौरान एड डेवी ने कहा कि मौजूदा वैश्विक हालात बेहद गंभीर हैं. उन्होंने ट्रंप पर बिना उकसावे के आक्रामक रुख अपनाने का आरोप लगाया. डेवी के मुताबिक अमेरिका और ब्रिटेन के बीच जिसे विशेष संबंध कहा जाता था, वह अब लगभग टूटने की कगार पर है. उन्होंने याद दिलाया कि कभी ट्रंप खुद इन रिश्तों की तारीफ कर चुके हैं.

ट्रंप को बताया अंतरराष्ट्रीय गुंडा

एड डेवी ने बेहद सख्त शब्दों में ट्रंप को अंतरराष्ट्रीय गुंडा और दबंग करार दिया. उनका कहना था कि ट्रंप सहयोग के बजाय धमकी और दबाव की राजनीति कर रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रंप एक सहयोगी देश की संप्रभुता को कुचलने की धमकी दे रहे हैं और नाटो जैसे सैन्य गठबंधन के भविष्य को भी खतरे में डाल रहे हैं.

रूस और चीन को मिल रहा फायदा

डेवी ने चेतावनी दी कि इस टकराव से अमेरिका के विरोधी देशों को फायदा हो रहा है. उन्होंने कहा कि ट्रंप की नीतियों से केवल रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग खुश हैं. उनके अनुसार पश्चिमी देशों की आपसी एकता कमजोर होने से वैश्विक शक्ति संतुलन बिगड़ सकता है.

ग्रीनलैंड और टैरिफ विवाद

विवाद की जड़ ट्रंप का ग्रीनलैंड को खरीदने या अपने नियंत्रण में लेने का विचार है. डेनमार्क के इनकार के बाद ट्रंप ने ब्रिटेन समेत आठ यूरोपीय देशों पर 10 से 25 प्रतिशत तक आयात शुल्क लगाने का ऐलान किया. ट्रंप का तर्क है कि ग्रीनलैंड अमेरिका की सुरक्षा के लिए जरूरी है ताकि चीन और रूस के संभावित खतरों से निपटा जा सके.

यूरोप में बढ़ता असंतोष

ट्रंप की हरकतों से यूरोप में नाराजगी बढ़ती जा रही है. फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से भी उनकी तीखी तकरार सामने आई है. ट्रंप ने फ्रांसीसी वाइन और शैंपेन पर भारी टैरिफ लगाने की धमकी दी. फ्रांसीसी मंत्रियों ने इसे ब्लैकमेल का तरीका बताया है. हालांकि अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट का दावा है कि रिश्ते पहले से ज्यादा मजबूत हैं, लेकिन हालात कुछ और ही कहानी बयां कर रहे हैं.