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संकट में ईरान! अमेरिका का तेहरान पर घातक प्लान, होर्मुज स्ट्रेट में लंबी नाकेबंदी की तैयारी कर रहे ट्रंप

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान पर होर्मुज स्ट्रेट में लंबे समय तक नाकेबंदी की रणनीति पर विचार कर रहे हैं. बातचीत फेल होने के बाद यह कदम तेहरान पर दबाव बढ़ाने के लिए उठाया जा रहा है, जबकि ईरान ने पाकिस्तान के रास्ते समुद्री गतिविधियां पहले बहाल करने का प्रस्ताव दिया है जिसे अमेरिका ने ठुकरा दिया.

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Kuldeep Sharma

नई दिल्ली: ईरान के साथ तनावपूर्ण स्थिति में अमेरिका अब छोटी अवधि की कार्रवाइयों से आगे बढ़कर लंबी अवधि की समुद्री नाकेबंदी की तैयारी कर रहा है. वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सहयोगियों को होर्मुज स्ट्रेट में ईरान की शिपिंग रूट्स पर लगातार दबाव बनाने की रणनीति तैयार करने के निर्देश दिए हैं. यह योजना तेहरान की अर्थव्यवस्था को और कमजोर करने का लक्ष्य रखती है. ईरान ने पाकिस्तान के माध्यम से प्रस्ताव भेजा है कि पहले समुद्री गतिविधियां सामान्य की जाएं, लेकिन वाशिंगटन इस पर सहमत नहीं है.

लंबी नाकेबंदी की रणनीति पर कर रहे विचार

ट्रंप प्रशासन ईरान पर छोटी अवधि के उपायों की जगह अब लंबी अवधि का समुद्री दबाव अभियान चलाने की योजना बना रहा है. इसमें होर्मुज स्ट्रेट में विस्तारित नाकेबंदी शामिल हो सकती है, जिससे ईरान के प्रमुख बंदरगाहों से जुड़े व्यापारिक रास्ते बुरी तरह प्रभावित होंगे. वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट बताती है कि ट्रंप ने अपने सहायकों को इस दिशा में तैयार रहने को कहा है. इसका मुख्य उद्देश्य तेहरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाना है ताकि वह बातचीत में ज्यादा लचीला रवैया अपनाए. 

नई रणनीति को छोटी अवधि के कदमों से अलग एक ज्यादा लंबे और निरंतर दबाव वाले तरीके के रूप में देखा जा रहा है. इससे ईरान के महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों तक पहुंच सीमित हो जाएगी और उसके व्यापार को बड़ा नुकसान पहुंचेगा. अमेरिकी अधिकारी मानते हैं कि लंबे समय तक नाकेबंदी बनाए रखने से तेहरान की स्थिति और कमजोर होगी. फिलहाल वाशिंगटन ईरान के प्रस्ताव को स्वीकार करने को तैयार नहीं दिख रहा है.

ट्रंप ने किंग चार्ल्स तृतीय के साथ की बैठक

ट्रंप ने व्हाइट हाउस में किंग चार्ल्स तृतीय के साथ आयोजित स्टेट डिनर के दौरान ईरान मुद्दे पर खासतौर पर बात की. डिनर स्पीच बीच में रोककर उन्होंने कहा कि अमेरिका ने ईरान को सैन्य रूप से हरा दिया है. ट्रंप ने यह भी दावा किया कि किंग चार्ल्स उनसे भी ज्यादा सहमत हैं कि ईरान को कभी परमाणु हथियार नहीं मिलने चाहिए. इस मुलाकात में दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय सुरक्षा पर भी चर्चा की.

ईरान ने कहा कि वह ‘संकट की स्थिति’ में है- ट्रंप

ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा कि ईरान ने हाल ही में अमेरिका को बताया है कि वह ‘संकट की स्थिति’ से गुजर रहा है. उन्होंने कहा कि ईरान होर्मुज स्ट्रेट को जल्द से जल्द खोलने की अपील कर रहा है क्योंकि उसके नेतृत्व में अनिश्चितता बनी हुई है. ट्रंप के मुताबिक, ईरानी नेतृत्व के अंदर अमेरिका से बातचीत को लेकर गहरे मतभेद हैं, जो अंततः सुलझ सकते हैं.

ईरान ने पाकिस्तान के जरिए अमेरिका को प्रस्ताव भेजा

ईरान ने पाकिस्तान के माध्यम से अमेरिका को प्रस्ताव दिया है जिसमें पहले समुद्री गतिविधियां और शिपिंग सामान्य करने की बात कही गई है. उसके बाद ही परमाणु मुद्दे समेत अन्य मुद्दों पर चर्चा शुरू करने का सुझाव है. Axios की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी अधिकारी इस प्रस्ताव को इस समय मानने को तैयार नहीं हैं. ट्रंप की टीम ने इस पर विचार किया लेकिन वॉशिंगटन अपना सख्त रुख बनाए हुए है.