'समुद्र में सीधी डकैती...', अमेरिका पर भड़का रूस; क्या तीसरे विश्व युद्ध के मुहाने पर खड़ी दुनिया?
रूसी विदेश मंत्रालय ने कहा है कि वह रूसी झंडे वाले इस तेल टैंकर से जुड़ी खबरों पर लगातार नजर रखे हुए है. मंत्रालय ने अमेरिका से मांग की है कि जहाज पर मौजूद रूसी नागरिकों के साथ इंसानियत और सम्मान से पेश आया जाए.
नई दिल्ली: उत्तरी अटलांटिक महासागर में वेनेजुएला से आ रहे रूसी तेल टैंकर 'मरीनेरा' पर अमेरिकी सेना ने कब्जा कर लिया है. इस कदम के बाद रूस और अमेरिका के बीच तनाव बहुत बढ़ गया है. रूस ने इस कार्रवाई को समुद्र में की गई सीधी डकैती बताया है और अमेरिका पर अंतरराष्ट्रीय कानून तोड़ने का गंभीर आरोप लगाया है.
'इंसानियत और सम्मान से पेश आया जाए'
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, रूसी विदेश मंत्रालय ने कहा है कि वह रूसी झंडे वाले इस तेल टैंकर से जुड़ी खबरों पर लगातार नजर रखे हुए है. मंत्रालय ने अमेरिका से मांग की है कि जहाज पर मौजूद रूसी नागरिकों के साथ इंसानियत और सम्मान से पेश आया जाए और उनके अधिकारों की पूरी रक्षा की जाए. रूस ने यह भी साफ किया कि अमेरिका को रूसी नागरिकों की जल्द और सुरक्षित वापसी में कोई रुकावट नहीं डालनी चाहिए.
समुद्री कानून तोड़ने का आरोप
रूसी परिवहन मंत्रालय ने बताया कि अमेरिकी सैनिकों के सुबह करीब 7 बजे (अमेरिकी समय) जहाज पर चढ़ने के बाद से मरीनेरा से संपर्क पूरी तरह टूट गया है. मंत्रालय ने इस कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि 1982 के संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून (UNCLOS) के अनुसार, किसी भी देश को दूसरे देश के कानूनी रूप से पंजीकृत जहाज पर बल प्रयोग करने का अधिकार नहीं है.
अमेरिकी अधिकारियों ने क्या बताया?
अमेरिका ने अटलांटिक महासागर में एक रूसी झंडे वाले तेल टैंकर को अपने कब्जे में ले लिया है. अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, यह टैंकर वेनेजुएला से जुड़े प्रतिबंधित तेल कारोबार में शामिल था. इस ऑपरेशन का नेतृत्व अमेरिकी होमलैंड सिक्योरिटी विभाग कर रहा है, जबकि अमेरिकी नौसेना और कोस्ट गार्ड ने इसमें अहम भूमिका निभाई.
वेनेजुएला से जुड़ा है पूरा मामला
जब्त किया गया जहाज पहले Bella 1 नाम से जाना जाता था, जिसे बाद में बदलकर Marinera कर दिया गया. यह टैंकर पिछले महीने वेनेजुएला के पास अमेरिकी कोस्ट गार्ड की नजर में आया था. अमेरिका का आरोप है कि यह जहाज प्रतिबंधों से बचने के लिए नाम और झंडा बदलकर तेल की तस्करी कर रहा था.
अमेरिका की सख्ती से बढ़ा रूस-अमेरिका तनाव
यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब अमेरिका पहले ही वेनेजुएला के तेल निर्यात पर सख्त रोक लगाए हुए है. रूस, जो वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो का समर्थक रहा है, ने इस कार्रवाई पर नाराजगी जताई है. रूसी विदेश मंत्रालय ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुद्र में रूसी जहाज पर अमेरिकी और नाटो सेनाओं की निगरानी जरूरत से ज्यादा है.