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फुस्सी बम है चीनी सेना, हिंदुस्तानी सेना ने निकाली हेकड़ी, ये क्या लड़ेंगे हमसे?

कभी सोचा है कि भारत और चीन की लड़ाई हो तो जीत किसकी होगी? साल 1962 की बात दशकों पुरानी हो गई है. भारत गरीबी से निकलकर समृद्ध राष्ट्र बन गया है. हमारी सेनाएं महाशक्ति बन गई हैं. अब चीन की हिम्मत आंख उठाकर देखने की नहीं रह गई है. यकीन नहीं होता, खुद देख लें वीडियो.

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India Daily Live

भारतीय सेना (Indian Army) के जवान ज्यादा ताकतवर हैं या चीन की पिपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के? देखकर क्या लगता है? अगर आपको लग रहा है कि वे अत्याधुनिक हथियारों, रॉकेट और तोप दिखाकर जंग में हमसे जीत जाएंगे तो जनाब आप गलत हैं. हिंदुस्तान के रंगरूटों की ताकत के आगे उनकी ताकत कुछ भी नहीं है. सूडान में हिंदुस्तानी सेना और चीनी सेना के बीच हुए एक मुकाबले ने उनकी पोल खोलकर रख दी है.

शी जिनपिंग की सेना के पास इतनी ताकत नहीं है कि वे भारत के गबरू जवानों से भिड़ पाएं. सूडान में हुई एक रस्साकशी के एक खेल में तो यह पता भी चल गया है. भारतीय सेना के जवान संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन के तहत सूडान में तैनात हैं. वहीं, चीन के भी सैनिक तैनात हैं.

किस जंग में मिली है हमें जीत?
दोनों देशों की सेनाओं के बीच एक दिलचप्स 'रस्साकशी' हुई. चीनी सैनिकों ने अपना दमखम लगा दिया. उन्होंने अपनी पूरी ताकत झोंक दी लेकिन बेचारे भारतीय गबरू जवानों के आगे फुस्सी बम ही साबित हुए. ऐसा लगा कि ये भी चाइनीज सामान ही हैं, जिसकी कोई गारंटी नहीं है. 

भारतीय सैनिकों और चीनी सैनिकों के बीच का यह मुकाबला सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है. दोनों गुटों के सैनिकों ने अपनी जान झोंक दी लेकिन जीती भारतीय सेना ही. जवानों ने चीनी सेना की हेकड़ी निकाल दी और बेचारे चीनी, हमें टस से मस नहीं कर पाए. 

फुस्सी बम निकली चीनी सेना
चीन के जवान बेचारे छोटे-मोटे से नजर आ रहे हैं, वहीं धाकड़ जवान उन्हें पूरी तरह से अपनी ओर खींचते नजर आ रहे हैं. जवानों ने अपनी ताकत और एकता से अपनी विरोधी टीम की कमर ही तोड़ दी. इस 'रस्साकशी' में भारतीय जवानों ने झंडा गाड़ा और जीत भी गए. भारतीय सेना ने भी वायरल वीडियो की पुष्टि की है.

 


क्यों सूडान में तैनात है भारतीय सेना?
यूनाइटेड नेशंस मिशन इन सूडान (UNMIS) की स्थापना यूएन सुरक्षा परिषद के तहत 24 मार्च 2005 को हुआ था. भारतीय सेना के जवान भी वहां तैनात रहते हैं. सूडान की सरकार और सूडान पीपुल्स लिबरेशन मूवमेंट के बीच हुए शांति समझौते के लिए सेनाओं को वहां तैनात रहना होता है. सूडान में अलग-अलग देशों की सेनाएं, वहां शांति कायम रखने के लिए काम कर रही हैं. वहां सेनाओं के बीच तरह-तरह के खेल आयोजित होते हैं. इस खेल में हिंदुस्तान ने जीत हासिल कर ली.