ईरान की 'टोल वसूली' पर अमेरिका का भीषण प्रहार, केशम आईलैंड में मची तबाही; होर्मुज मार्ग तक पहुंची जंग की आग
अमेरिका और इजरायल ने ईरान के सामरिक केंद्र केशम द्वीप पर भीषण हमला कर उसके बंदरगाहों और बुनियादी ढांचे को भारी क्षति पहुंचाई है. होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव चरम पर है और ट्रंप ने ईरान के पूरे तंत्र को मिटाने की सख्त चेतावनी दी है.
नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष अब एक अत्यंत विनाशकारी और खतरनाक मोड़ पर पहुंच चुका है. ईरान के लिए सामरिक गौरव का प्रतीक माने जाने वाले होर्मुज जलडमरूमध्य और केशम द्वीप अब सीधे तौर पर अमेरिकी और इजरायली मिसाइलों के निशाने पर हैं. सैटेलाइट से प्राप्त ताजा तस्वीरों ने इस बात की पुष्टि की है कि इन हमलों ने ईरान के समुद्री व्यापारिक ढांचे को पूरी तरह झकझोर कर रख दिया है. वैश्विक तेल मार्ग में बढ़ती इस अस्थिरता ने पूरी दुनिया के आर्थिक समीकरणों को चिंता में डाल दिया है.
रॉयटर्स द्वारा जारी कोपरनिकस सेंटिनल-2 की सैटेलाइट तस्वीरों ने तबाही का मंजर स्पष्ट कर दिया है. गुरुवार को केशम द्वीप के बंदरगाह वाले इलाकों से धुएं का गुबार उठता देखा गया. तस्वीरों के विश्लेषण से पता चलता है कि बहमन कमर्शियल बंदरगाह और दोहा मछली पकड़ने वाले घाट के महत्वपूर्ण हिस्सों को इन हमलों में भारी नुकसान पहुंचा है. अधिकारियों के अनुसार, ये हमले 1 अप्रैल की शाम से 2 अप्रैल की दोपहर के बीच योजनाबद्ध तरीके से बंदरगाह के बुनियादी ढांचे को निशाना बनाकर किए गए थे.
ईरान का दावा और अमेरिका का पलटवार
ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने एक अलग दावा पेश करते हुए कहा कि उनके एयर डिफेंस सिस्टम ने दुश्मन के एक लड़ाकू विमान को सफलतापूर्वक मार गिराया है. प्रेस टीवी ने इसके वीडियो भी सोशल मीडिया पर साझा किए हैं. हालांकि, अमेरिका ने ईरान के इस दावे को सिरे से खारिज करते हुए इसे पूरी तरह निराधार बताया है. अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि उनका कोई भी विमान प्रभावित नहीं हुआ है और IRGC केवल अपनी जनता को गुमराह करने के लिए लगातार गलत सूचनाएं फैला रहा है.
'टोल टैक्स' और होर्मुज पर ईरान की पकड़
केशम और लरक द्वीप के बीच का समुद्री मार्ग ईरान के लिए सामरिक गौरव और कमाई का प्रमुख जरिया रहा है. यहां से गुजरने वाले विदेशी जहाजों से ईरान भारी 'टोल टैक्स' वसूलता रहा है, जो कभी-कभी 20 लाख डॉलर तक पहुंच जाता है. ईरान केवल अपने मित्र देशों के जहाजों को ही यहां से गुजरने की अनुमति दे रहा था. अमेरिका और इजरायल के इन ताजा हमलों ने ईरान के इसी आर्थिक और सामरिक तंत्र को ध्वस्त करने की दिशा में एक बड़ी और निर्णायक कार्रवाई की है.
भूमिगत मिसाइल शहर और सामरिक महत्व
केशम द्वीप 558 वर्ग मील में फैला ईरान का एक अभेद्य किला है, जिसके भीतर एक विशाल भूमिगत 'मिसाइल शहर' विकसित किया गया है. इस सुरक्षित स्थान का उपयोग जलमार्ग से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों पर रणनीतिक हमले करने के लिए किया जाता है. ऐतिहासिक रूप से भी यह द्वीप सामरिक महत्व का रहा है और 1863 तक रॉयल इंडियन नेवी यहां सक्रिय थी. शांति के समय यह अपनी नमक की गुफाओं और यूरोपीय साम्राज्यों द्वारा बनाए गए किलों के अवशेषों के लिए पर्यटकों के बीच लोकप्रिय रहा है.
ट्रंप की चेतावनी और बुनियादी ढांचे पर संकट
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को अंतिम चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि वे समझौते की मेज पर नहीं आते, तो ईरान के पूरे बुनियादी ढांचे को जमींदोज कर दिया जाएगा. हाल ही में ईरान के सबसे बड़े पुल के नष्ट होने पर ट्रंप ने इसे भविष्य की एक छोटी झलक बताया. उनके कड़े रुख से स्पष्ट संकेत मिलते हैं कि आने वाले समय में सैन्य और आर्थिक दबाव और बढ़ सकता है. केशम द्वीप पर हुए इन हमलों ने ईरान के सामने वर्तमान में बड़ी सुरक्षात्मक चुनौती खड़ी कर दी है.